जयपुर

राजस्थान-मध्यप्रदेश के बीच रेलवे ट्रैक को मिलेगा ‘कवच’, खराब मौसम में भी फर्राटे से दौड़ेगी ट्रेन

Indian Railways: राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच करीब 162 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक भी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (कवच) से लैस होगा। राजस्थान के इन स्टेशनों पर कवच उपकरण लगेंगे।

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Feb 16, 2025

Indian Railways: जयपुर। राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच करीब 162 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक भी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (कवच) से लैस होगा। रेलवे बोर्ड से इसकी स्वीकृति मिलने के बाद पश्चिम मध्य रेलवे ने इसकी निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। कोटा जिले के सोगरिया रेलवे स्टेशन से मध्यप्रदेश के रूठियाई रेलवे स्टेशन के बीच यह कार्य दो साल में पूरा होगा।

इस कार्य पर 40 करोड़ 65 लाख रुपए खर्च होंगे। प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान के करीब 17 स्टेशनों पर कवच उपकरण लगेंगे। कार्य पूरा होने के बाद इस मार्ग पर खराब मौसम में भी ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। इसके साथ ही इंजनों में कवच उपकरण लगने के बाद ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ाई जा सकेगी।

कवच संस्करण 4.0 को भारतीय रेलवे पर बड़े पैमाने पर लागू करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत यह प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है। अभी दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को कवच से लैस किया जा रहा है। नागदा से मथुरा के बीच रेलवे ट्रैक कवच लैस हो गया है।

राजस्थान के इन स्टेशनों पर लगेंगे कवच उपकरण

कोटा-रूठियाई रेलमार्ग पर राजस्थान के धरनावदा, मोतीपुरा चौकी, भूलोन, छाबड़ा गुगोर, कैशोली, सालपुरा, अटरू, पीपलोद रोड, छजावा, बारां, सुन्दलक, बिजौरा, अन्ता, भौंरा, श्रीकल्याणपुरा, दीगोद एवं सोगरिया स्टेशन आते हैं। इसके अलावा कोटा, बारां और झालावाड़ के ताप बिजलीघरों के लिए कोयले की आपूर्ति भी इसी रेलमार्ग से होती है।

ये कार्य होंगे

-प्रत्येक स्टेशन और ब्लॉक सेक्शन पर स्टेशन कवच की स्थापना।
-पूरे ट्रैक में आरएफआईडी टैग की स्थापना।
-पूरे खंड में दूरसंचार टावरों की स्थापना।
-ट्रैक के साथ ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाना।


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