
Good News : स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला उद्यमियों के लिए राहत की खबर है। अब वे अपने उत्पाद ऑनलाइन बेच सकेंगी। इसके लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की सुविधा शुरू की जा रही है। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) ने इस पहल को आगे बढ़ाते हुए ‘राजसखी पोर्टल’ तैयार किया है, जिसका आरंभ 14 दिसंबर को होगा। इस पोर्टल से 48 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्य जुड़ेंगी और वे अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेच सकेंगी।
ब्रॉडकास्ट सुविधा : पोर्टल पर ब्रॉडकास्ट की सुविधा भी होगी, जिसके जरिए गांव-ढाणी में बैठी सखी सीधे राजीविका अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगी। साथ ही, अपनी शिकायतें भी ऑनलाइन दर्ज करवा सकेंगी।
ऑनलाइन ट्रैकिंग : पोर्टल में शिकायतों को ट्रैक करने की सुविधा भी होगी, जिससे समस्याओं का समाधान जल्द होगा।
ई-कॉमर्स प्लेटफार्म : इस पोर्टल के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं अपने उत्पाद ऑनलाइन बेच सकेंगी, जिससे उनके उत्पादों की पूरी कीमत सीधे समूह की महिलाओं को मिलेगी।
ऑनलाइन ट्रेनिंग : बिजनेस सखी, कृषि सखी, पशु सखी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी सखियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को फ्री में ऑनलाइन प्लेटफार्म उपलब्ध करवा रही है, जहां वे अपने हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को देश और विदेश में बेच सकेंगी। इसके अलावा, राजीविका उनकी मार्केटिंग भी करेगी। इसमें कई ऐसे उत्पाद भी शामिल हैं जिन्हें जीआइ टैग प्राप्त है।
आशुतोष एटी पेडनेकर, स्टेट मिशन डायरेक्टर, राजीविका