
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती प्रकिया में गड़बड़झाला सामने आया है। यहां विवि भर्ती प्रकिया में उल्टी गंगा बहाने की तैयारी कर रहा है। विवि में प्रोफेसर व एसोसिएट् प्रोफसर का चयन सीकर के एक सरकारी कॉलेज के लेक्चरर करेंगे। चयन समिति में राज्य सरकार ने लेक्चरर (व्याख्याता) को चुना है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि वह अपने से सीनियर पद पर शिक्षकों का चयन कैसे करेंगे?
यह है पूरा मामला
विवि में करीब दो सौ पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर के पदों पर भर्ती की जा रही है। जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर के १११, एसोसिएट् प्रोफेसर के ६१ व प्रोफेसर के २६ पदों पर भर्ती होनी है। असिस्टेंट प्रोफेसर के भर्ती परीक्षा हो चुकी है। साथ ही ७ मई से इंटरव्यू शुरू होने वाले हैं। एसोसिएट प्रोफेसर के भी एपीआई स्कोर काउंट हो चुके हैं। इंटरव्यू इसी महीने लिए जाएंगे। प्रोफेसर की भर्ती प्रकिया भी प्रकियाधीन है। इंटरव्यू के लिए आठ सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जिसमें पांच सदस्य विवि के संबंधित विभाग के डीन, अध्यक्ष आदि हैं। वहीं राज्यपाल के एक नामित सदस्य व राज्य सरकार के दो नामित सदस्य हैं। नियमानुसार राज्य सरकार के दो सदस्यों में से एक विवि की सिंडीकेट के सदस्य भी होने चाहिए। राज्य सरकार ने अपने सदस्य के रूप में ग्यारसी लाल जाट को नामित किया है। जाट पेशे से सीकर के सरकारी कॉलेज में लेक्चरर हैं। साथ ही विवि में सिंडीकेट सदस्य भी हैं। मगर जाट अब समिति में बैठकर प्रोफेसर व एसोसिएट् प्रोफेसर का चयन करेंगे।
- विवि की चयन समिति में नॉमिनी का सलेक्शन मुख्यमंत्री कार्यालय से होता है। इनका चयन भी वहीं से हुआ है।
- किरण माहेश्वरी, उच्च शिक्षा मंत्री
- अभी एक कार्यक्रम में हैदराबाद हूं। जयपुर आकर ही बात करूंगा।
- ग्यारसी लाल जाट, चयन समिति व सिंडीकेट सदस्य, राज्य सरकार नॉमिनी