Rajasthan Power Shortage : बिजली कटौती की नौबत नहीं आने के सीएम भजनलाल के निर्देश के बाद पूरा बिजली महकमा अप्रेल से जून तक बिजली प्रबंधन में जुट गया है। पूढ़ें पूरी रिपोर्ट।
भवनेश गुप्ता
Rajasthan Power Shortage : जयपुर गर्मी में पावर मैनेजमेंट (बिजली प्रबंधन) को लेकर ऊर्जा विकास निगम से लेकर ऊर्जा विभाग तक की सांस फूली हुई है। बिजली कटौती की नौबत नहीं आने के मुख्यमंत्री भजनलाल के निर्देश के बाद पूरा महकमा अप्रेल से जून तक बिजली प्रबंधन में जुट गया है। अफसरों ने आशंका जताई है कि इस दौरान करीब 240 लाख यूनिट बिजली की कमी रह सकती है। विशेष रूप से सुबह और शाम को पीक ऑवर के 7 घंटे में दिक्कत आ सकती है। डिमांड और उपलब्धता के गेप को पूरा करने के लिए शॉर्ट टर्म निविदा और एक्सचेंज के जरिए बिजली खरीदी जाएगी। हालांकि, इसमें अधिक रेट पर बिजली मिलने की आशंका बनी रहेगी। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष 7 से 8 प्रतिशत बिजली खपत ज्यादा रह सकती है। हालांकि, खुद सीएम भजनलाल कह चुके हैं कि वे अतिरिक्त बिजली के लिए केन्द्र सरकार से बात करेंगे।
1- पिछले वर्ष बैंकिंग (उधार की बिजली चुकाना) के चलते गर्मी सीजन में उत्तर प्रदेश को 1000 मेगावाट बिजली दी गई, जो इस बार नहीं देनी पड़ेगी। इसके अतिरिक्त बिजली प्रबंधन से जोड़ रहे।
2- राज्य विद्युत उत्पादन निगम से इस बार 6000 मेगावाट से ज्यादा बिजली लेंगे। जबकि, पिछले वर्ष तक इनके थर्मल प्लांट से 5000 से 5500 मेगावाट तक ही बिजली मिलती रही।
1- 150 मेगावाट यूनिट बिजली एक्सचेंज से खरीदेंगे अप्रेल में।
2- 300-300 मेगावाट यूनिट बिजली खरीद होगी मई-जून में।
3- 350 मेगावाट परमाणु बिजलीघर, रावतभाटा से होगी सप्लाई।
4- 1000 मेगावाट बिजली केन्द्र सरकार लेने का प्रयास।
5- 400 मेगावाट के लिए शॉर्ट टर्म निविदा।
इस बार अप्रेल से जून तक 328770 लाख यूनिट बिजली की अनुमानित डिमांड का आकलन किया गया है। यह पिछले वर्ष इन्हीं माह के अनुपात में करीब 8 प्रतिशत अधिक होगी।
दिन में सोलर से औसतन पांच हजार मेगावाट तक बिजली मिलने की उम्मीद जताई। वहीं पवन ऊर्जा में उतार-चढ़ाव रहने पर भी बिजली मिलेगी।
वित्तीय वर्ष - सप्लाई बिजली (लाख यूनिट)
2020-21- 650999
2021-22 - 697000
2022-23 - 795000
2023-24 - 839000
2024-25 - 921000 ।
माह- मांग- उपलब्धता
अप्रेल - 3340 - 3503
मई - 3788 - 3663
जून - 3831 - 3722
(बिजली मांग व उपलब्धता प्रतिदिन है और आंकड़ें लाख यूनिट में है)।
1 - 16000 मेगावाट औसत बिजली मांग रहने का आकलन
2 - 17500 मेगावाट तक पहुंच सकती है पीक डिमांड
(सुबह 6 से 9 और शाम 7 से रात 11 बजे तक अधिक डिमांड रहेगी)।