
Rajasthan News : प्रदेशभर में राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर कृषि उपज मंडियों में लगातार पांचवें दिन व्यापार बन्द रहा। गुरुवार को व्यापारियों ने मंडियों के बाहर धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर सद्बुद्धि यज्ञ किया।
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि अबतक प्रदेशभर में तकरीबन 7 हजार करोड़ रुपए के व्यापारिक टर्नओवर का नुकसान हो चुका है। व्यापारी मांग कर रहे हैं कि कृषक कल्याण फीस को खत्म किया जाए, राज्य से बाहर अन्य राज्यों में कृषि मण्डी शुल्क चुकाने के बाद राज्य में आने वाले कृषि जिन्सों पर फिर से कृषि मण्डी शुल्क तथा कृषक कल्याण फीस नहीं ली जाए और मोटे अनाजों (श्रीअन्न) पर आढ़त 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.25 प्रतिशत की जाए।
बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि अपनी मांगों के समर्थन में शुक्रवार को प्रदेश की सभी 247 मंडियों में जबरदस्त धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। जयपुर की राजधानी मंडी में दोपहर 1 बजे प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन होगा। इसमें दाल मिल, आटा मिल, तेल मिल और मसाला उद्योग से सम्बन्धित व्यापारिक प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि जब तक सरकार समाधान नहीं करती, तब तक बंद जारी रखने की सहमति बनी। सभा में 23 से 26 फरवरी तक प्रस्तावित बंद को 2 मार्च तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। 1 मार्च को अगली बैठक में आंदोलन की आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।