
जयपुर। राजस्थान के रेल यात्रियों को जल्द ही तीन नई रेल सेवाओं की सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आग्रह पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रदेश से होकर गुजरने वाली तीन ट्रेनों के संचालन को मंजूरी दी है। इनमें भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस, हरिद्वार-ओखा एक्सप्रेस और हरिद्वार-वेरावल एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों के संचालन से राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों की रेल कनेक्टिविटी गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तर भारत के प्रमुख क्षेत्रों से मजबूत होगी।
नई अमृत भारत एक्सप्रेस गुजरात के भुज से बिहार के बरौनी के बीच चलेगी। राजस्थान में इसका रूट कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी और भरतपुर रहेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ट्रेन नंबर 19427 भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस करीब 2,532 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। भुज से इसके शाम 5:30 बजे रवाना होने और करीब 58 घंटे 35 मिनट बाद चौथे दिन सुबह 4:05 बजे बरौनी पहुंचने का टाइम टेबल बताया गया है।
वापसी में 19428 बरौनी-भुज अमृत भारत एक्सप्रेस बरौनी से रात 11:55 बजे रवाना होकर चौथे दिन दोपहर करीब 1:15 बजे भुज पहुंचने की जानकारी है। भुज-बरौनी सेवा सोमवार, बुधवार और शनिवार तथा वापसी सेवा मंगलवार, गुरुवार और शनिवार चलने का प्रस्ताव बताया गया है। हालांकि सेवा शुरू होने की आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है।
दूसरी ओर हरिद्वार-ओखा एक्सप्रेस और हरिद्वार-वेरावल एक्सप्रेस को राजस्थान में अलवर, जयपुर, अजमेर और आबू रोड के रास्ते संचालित करने की मंजूरी दी गई है। इससे इन शहरों के यात्रियों को हरिद्वार के साथ गुजरात और पश्चिमी भारत के प्रमुख क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त रेल विकल्प मिलेगा।
किशनगढ़ के यात्रियों के लिए भी यह स्वीकृति खास है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 14326/14325 हरिद्वार-वेरावल एक्सप्रेस और 14328/14327 हरिद्वार-ओखा एक्सप्रेस के किशनगढ़-अजमेर मार्ग से संचालन की मंजूरी मिली है। इससे किशनगढ़ सीधे इन सेवाओं के नेटवर्क से जुड़ सकेगा।
भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस राजस्थान के अलावा गुजरात, उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाली लंबी दूरी की सेवा होगी। इसके मार्ग में मथुरा, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर, गोंडा, गोरखपुर, सिवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।
नई रेल सेवाओं के शुरू होने से राजस्थान के कई जिलों में यात्रियों को आवागमन के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार इन ट्रेनों के परिचालन से प्रदेश में क्षेत्रीय संपर्क और मजबूत होगा। हालांकि दोनों हरिद्वार-गुजरात ट्रेनों का विस्तृत टाइम टेबल और संचालन की अंतिम तारीख रेलवे की ओर से जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।