
Weather Update : राजस्थान में मानसून का मौसम इस बार उतार चढ़ाव भरा रहा है। प्रदेश में एक बार फिर मानसून की झमाझम बारिश का तेवर देखा जा सकता है। मौसम विभाग ने राजस्थान में 4 सितंबर से मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना जताई है। IMD के अनुसार 4 सितंबर से 7 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। इससे पहले 28 अगस्त से आगामी एक सप्ताह के लिए राजस्थान में मानसून कमजोर रहेगा और बरसात की गतिविधियों में कमी रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। बीते कुछ घंटों में पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई है। सर्वाधिक बारिश झालावाड़ के बकानी में 114 MM दर्ज की गई।। दौसा जिले में भी कई स्थानों पर भारी बारिश हुई। इसके चलते जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। लगातार बारिश के चलते सड़कों और आसपास के इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। पश्चिमी राजस्थान की सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 38 से 41 डिग्री दर्ज किया गया। सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 41.4 डिग्री (सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक) दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने 27 अगस्त के लिए भरतपुर, कोटा, जयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया था, जिसका कुछ स्थानों पर ही असर देखने को मिला। वहीं मौसम विभाग का कहना है कि राजस्थान में 28 अगस्त से एक सप्ताह के लिए बारिश की गतिविधियों में कमी होगी। सितंबर के पहले सप्ताह में 4 सितंबर से 7 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में फिर बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
मौसम विभाग के जारी दैनिक वर्षा पूर्वानुमान में 28 अगस्त से 2 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में बरसात की संभावना है। 28 अगस्त को भरतपुर, कोटा, उदयपुर संभाग में बारिश हो सकती है। 29 को उदयपुर संभाग में बारिश की संभावना है। 30 को भरतपुर, कोटा और 31 अगस्त को भरतपुर, उदयपुर और जोधपुर संभाग में बारिश का पूर्वानुमान है। 1 सितंबर को भरतपुर और उदयपुर संभाग तो वहीं 2 सितंबर को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं कहीं बारिश की संभावना है।
राजस्थान में इस बार मानसून की बेरुखी प्रदेश के जलस्त्रोतों को काफी प्रभावित कर रही है। यह भविष्य के लिए चिंताजनक हो सकती है। इस बार मानसून सुस्त होने के कारण अभी 23 प्रमुख बांध खाली पड़े हैं। इनमें सबसे प्रमुख राजधानी जयपुर की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध भी शामिल है, जो अभी भी डेढ़ मीटर खाली है। आंकड़ों पर नजर डाले, तो राजस्थान के 23 बांधों में इस बार औसत 64 प्रतिशत ही पानी ही संग्रहित हो पाया है। वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 693 बांध हैं। इनमें 43 बांध लबालब होकर ओवरफ्लो हुए हैं। जबकि अभी भी 205 बांध पूरी तरह खाली है। इसी तरह 445 बांध आंशिक रूप से भरे हुए हैं।