जयपुर

Rajasthan: पंचायत चुनाव से पहले सीएम भजनलाल का बड़ा तोहफा, 472 स्कूलों का होगा कायाकल्प, 401 करोड़ की राशि मंजूर

राजस्थान में होने वाले पंचायत चुनाव से पहले सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश के 472 सरकारी स्कूलों के लिए 401 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इस पैसे से स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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Sep 19, 2026
CM Bhajan Lal Sharma
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव से पहले राजस्थान सरकार ने सरकारी स्कूलों के भवन और सुविधाओं को लेकर बड़ा फैसला किया है। राज्य के 472 सरकारी स्कूलों के भवन निर्माण और पुनर्निर्माण के लिए 401 करोड़ 3 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत मंजूर इस राशि से स्कूलों में नए भवनों के साथ स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशाला, फर्नीचर, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

सरकार की यह स्वीकृति ऐसे समय में आई है, जब प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। पिछले वर्ष झालावाड़ में स्कूल भवन गिरने से सात बच्चों की मौत के बाद सरकारी स्कूलों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद न्यायालय की सख्ती के बीच सरकार ने प्रदेशभर के स्कूल भवनों की स्थिति का तकनीकी सर्वे कराया था।

भवन से लेकर स्मार्ट क्लास तक सुविधाएं

राजस्थान के 41 जिलों में सरकारी स्कूल भवनों की जरूरतों के आधार पर तैयार कार्ययोजना के तहत 472 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। 401 करोड़ रुपए से अधिक की मंजूर राशि से भवन निर्माण के साथ स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशाला, फर्नीचर, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएं विकसित करने का प्रावधान है।

ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के स्कूल भी शामिल

योजना का दायरा प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक रखा गया है। उदयपुर और बांसवाड़ा के कोटड़ा, गोगुंदा, झाड़ोल, छोटी सरवन, कुशलगढ़ और आनंदपुरी जैसे क्षेत्रों के स्कूलों में भवन निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्य किए जाएंगे।

इसके अलावा झालावाड़ के अकलेरा, खानपुर और मनोहरथाना तथा बारां जिले के छबड़ा और किशनगंज क्षेत्र के विद्यालय भी योजना में शामिल हैं। जयपुर, अलवर और खैरथल-तिजारा क्षेत्र के चाकसू, सांगानेर, कठूमर, तिजारा और राजगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में भी विकास कार्य प्रस्तावित हैं।

जिलावार स्कूलों को मिली राशि :

जिलास्कूलों की संख्याराशि (करोड़ रुपए)
अजमेर33.84
अलवर1120.38
बांसवाड़ा3314.01
बारां2726.25
बाड़मेर31.71
ब्यावर64.83
भरतपुर21.06
बीकानेर610.98
बूंदी128.73
चित्तौड़गढ़21.30
चूरू510.57
दौसा1220.79
डीग69.09
धौलपुर86.37
डीडवाना-कुचामन818.43
डूंगरपुर56.31
हनुमानगढ़54.66
जयपुर107.67
जालोर31.95
झालावाड़8455.86
झुंझुनूं915.06
जोधपुर12.54
करौली63.18
खैरथल-तिजारा912.45
कोटा31.95
प्रतापगढ़104.82
सवाई माधोपुर3923.13
सीकर612.70
सिरोही125.64
श्रीगंगानगर85.89
टोंक45.90
उदयपुर11371.92
सलूम्बर10.41

तीन साल में 12,500 करोड़ खर्च करने की योजना

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक सरकारी स्कूलों को सुरक्षित, आधुनिक और डिजिटल बनाने के लिए करीब 12,500 करोड़ रुपए की कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत प्रदेश के 41 जिलों में सरकारी स्कूल भवनों का तकनीकी सर्वे कराया गया था।

सर्वे के दौरान सामने आई जरूरतों और भवनों की स्थिति के आधार पर अगले तीन वर्षों के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इसी क्रम में अब 472 स्कूलों के लिए 401 करोड़ 3 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।

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मंजूर योजना में केवल नए भवन बनाने पर ही जोर नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। स्मार्ट क्लासरूम और विज्ञान प्रयोगशालाओं के साथ फर्नीचर, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत जरूरतों को भी परियोजना का हिस्सा बनाया गया है।

Updated on:
19 Sept 2026 08:50 pm
Published on:
19 Sept 2026 08:46 pm