जयपुर

Good News: पशुपालकों के लिए 6 नाइट्रोजन वाहनों की मिली सौगात, कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं में होगा सुधार

Nitrogen Transport Vehicle: इससे पहले भी प्रदेश के 20 जिलों को नाइट्रोजन परिवहन वाहन दिए जा चुके हैं। अब नई खेप में अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, सलूम्बर, फलौदी और जैसलमेर जिलों को यह सुविधा मिलेगी।

2 min read
Apr 27, 2026

nimal Husbandry: जयपुर. राज्य सरकार पशुपालन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। इसी दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं मत्स्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले ने राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के तत्वावधान में 6 तरल नाइट्रोजन परिवहन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर भाले ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पशुपालकों के हितों के प्रति पूरी तरह समर्पित है। सरकार की योजनाओं और नीतियों का उद्देश्य न केवल पशुधन की गुणवत्ता में सुधार करना है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। उन्होंने बताया कि आज पशुपालन प्रदेश में रोजगार का एक महत्वपूर्ण साधन बनकर उभर रहा है, जिससे लाखों लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिल रहा है।

ये भी पढ़ें

RGHS: वेतन से कटौती फिर भी उपचार से वंचित शिक्षक, अंशदान कटने के बावजूद इलाज नहीं, कर्मचारियों में बढ़ा रोष

उन्होंने बताया कि ये वाहन केन्द्र सरकार की 100 प्रतिशत वित्त पोषित राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे पहले भी प्रदेश के 20 जिलों को नाइट्रोजन परिवहन वाहन दिए जा चुके हैं। अब नई खेप में अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, सलूम्बर, फलौदी और जैसलमेर जिलों को यह सुविधा मिलेगी।

भाले ने बताया कि तरल नाइट्रोजन पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों के लिए बेहद जरूरी होता है। इसके सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन से ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर नस्ल सुधार सेवाएं पहुंचाना संभव होगा। इससे पशुओं की उत्पादकता बढ़ेगी और दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी, जो किसानों की आय में बढ़ोतरी का प्रमुख आधार बनेगा।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने वाहनों का अवलोकन भी किया और इनके तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। इस पहल से राज्य में पशुपालन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

सरकार की यह पहल न केवल पशुपालकों के लिए सुविधाजनक साबित होगी, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में ऐसी योजनाओं से प्रदेश में पशुधन क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिलने की उम्मीद है।

ये भी पढ़ें

Hottest Cities in India: तपिश का कहर, देश के टॉप-10 सबसे गर्म शहरों में राजस्थान के ये दो शहर भी शामिल
Published on:
27 Apr 2026 02:46 pm
Also Read
View All