Rajasthan Politics : इसी साल के आखिर में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां रफ़्तार पकड़ रही हैं। फिलहाल दोनों प्रमुख पार्टियों कांग्रेस और भाजपा में उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दोनों पार्टियों के प्रदेश नेतृत्व ने चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अपने ज़िम्मेदार नेताओं को संबंधित विधानसभा सीट पर भेजा है। इस कवायद में कुछ ऐसी सीटें भी निकलकर सामने आ रही हैं जहां दावेदारी जताने वालों का के 'सिंगल नाम' सामने आये हैं।
जयपुर।
विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में उम्मीदवार बनने के इच्छुक नेताओं ने दौड शुरू कर दी है। पार्टी के बडे़ नेताओं की सीटों पर अन्य दावेदार भी सामने आए हैं तो कुछ नेता ऐसे भी हैं जहां वे अकेले ही दावेदार है। लक्ष्मणगढ़ सीट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के अलावा किसी ने आवेदन नहीं किया। डोटासरा तीन बार से लगातार विधायक हैं।
इसी तरह बीकानेर की नोखा सीट से विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता रहे रामेश्वर डूडी ने टिकट मांगा है। उन्होंने ब्लॉक की बैठक में आवेदन भी कर दिया है। इस सीट पर भी अभी तक अन्य किसी कांग्रेसी ने आवेदन नहीं किया है। डूडी पिछली बार इस सीट पर मात खा गए थे।
गहलोत की सीट पर एक भी नहीं आवेदन
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सीट सरदारपुरा पर एक भी आवेदन नहीं आया है। ब्लॉक कांग्रेस ने गहलोत के नाम की सिफारिश भेज दी। वहीं पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की सीट पर अब तक 18 नेताओं ने आवेदन किए हैं। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की सीट पर वे खुद और उनके पुत्र ने टिकट मांगा है।
इस तरह से फाइनल होने हैं नाम
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार सोमवार से बुधवार तक सभी ब्लॉक अध्यक्षों को बैठकें करने के लिए कहा गया था। इसमें कार्यकारिणी, पीसीसी व डीसीसी पदाधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई थी। बंद लिफाफे में टिकट के दावेदारों से आवेदन मांगे गए। ब्लॉक को इस कार्यवाही विवरण को 24 अगस्त तक डीसीसी को सौंपने के निर्देश दिए गए। इसके बाद प्रदेश चुनाव समिति के दो-दो सदस्यों की मौजूदगी में सभी जिला कांग्रेस कमेटियों की बैठक करने के निर्देश रहे।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए तीन से पांच आवेदकों का पैनल तैयार किया जा रहा है, जिसे 30 अगस्त तक पीसीसी के पास जमा कराना है। इसके बाद पीसीसी के पदाधिकारी छानबीन कर दो से तीन नाम का पैनल रखेंगे। इसके बाद प्रदेश चुनाव समिति मंथन कर टिकट के लिए नाम फाइनल करेगी।