
दौलतसिंह चौहान
जयपुर. राजस्थान में इस बार भारी मतदान सत्ता विरोधी है, पक्ष में है या मतदान की समयावधि दो घंटे बढ़ने का नतीजा, इस सवाल ने मतदान प्रतिशत के आधार पर चुनाव परिणाम ( Rajasthan Election Result ) का अनुमान लगा लेने वाले विश्लेषकों को उलझन में डाल दिया है। इस गुत्थी को कई इलाकों में शहरों के मुकाबले गांवों में व पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के अधिक मतदान और त्रिकोणीय मुकाबले वाली सीटों में भारी वोटिंग ने "गुळगांठ" बना दिया है।
इस बार 11 घंटे के अवधि में 2018 की 9 घंटे की अवधि के मुकाबले तो 0.74 प्रतिशत अधिक रहा, लेकिन यह आंकड़ा 2013 के 9 घंटे की अवधि में हुए रेकॉर्ड मतदान 75.67 प्रतिशत से इस बार 11 घंटे में भी 0.22 फीसदी कम रह गया। इस बार सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक 75.45 प्रतिशत ही वोट पड़े। विश्लेषकों के लिए उलझन इस लिए खड़ी हुई है क्योंकि 2013 में सुबह 7 से शाम 5 बजे यानी 9 घंटे में मतदान रेकॉर्ड 75.67 प्रतिशत हुआ और तत्कालीन कांग्रेस सरकार का सूपड़ा साफ हो गया।
भाजपा ने 199 में से 163 सीटें जीती और कांग्रेस 21 पर सिमट गई थी। इसके पांच साल बाद 2018 में हुए चुनाव में 9 घंटे की समयावधि में मतदान 74.71 प्रतिशत यानी 2018 के मुकाबले 0.96 प्रतिशत कम हुआ और 163 सीटों लाने वाली भाजपा 73 सीटें ही जीत पाई जबकि कांग्रेस ने 100 के बहुमत के आंकड़े को छू लिया। इस बार मतदान पिछले चुनाव से तो ज्यादा रहा, लेकिन 2013 के रेकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया, जबकि मतदान के लिए दो घंटे ज्यादा मिले। वैसे ज्यादा मतदान को सत्ता विरोधी मानने वालों का कहना है कि इस बार हो सकता है भाजपा 163 के आंकड़े को भी पार कर जाए, जबकि जो लोग मतदान में हुई बढ़ोतरी को दो घंटे का समय बढ़ने के कारण मान रहे हैं, उनका कहना है कि बढ़ा हुआ मतदान सत्ता विरोधी ही हो यह जरूरी नहीं है।
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इनका मानना है कि नतीजे ऐसे भी आ सकते हैं कि सभी दल चौंक जाएं। राज कायम रहेगा या रिवाज इसको लेकर तीन दिसबंर को आने वाले नतीजे निश्चित तौर पर नया ट्रेंड सेट करेंगे। बहरहाल परंपरागत रूप से दोनों राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा ज्यादा मतदान को अपने-अपने पक्ष में बता रहे हैं। भाजपा कम से कम 135 सीटों पर अपनी जीत बता रही है, वहीं कांग्रेस का दावा है कि उसे स्पष्ट बहुमत मिलेगा। इन दोनों बड़े दलों के दावे के इतर त्रिकोणीय मुकाबले वाली यानी निर्दलीय या तीसरे दल की मौजूदगी वाली सीटों पर सीधे मुकाबले वाली सीटों से ज्यादा वोटिंग ने ये सवाल भी अहम बना दिया है कि क्या निर्दलीय या तीसरा दल कोई गुल खिलाएगा ? सारे सवालों के जवाब के लिए 3 दिसंबर ( Rajasthan Election Result 2023 Date ) का बेसब्री से इंतजार है।
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