
जयपुर।
राजस्थान की 14 वी विधानसभा के आखरी सत्र के पहले दिन ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा का मुद्दा छाया रहा। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने खड़े होकर मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा का विरोध करना शुरू कर दिया। बेनीवाल के गौरव यात्रा का जिक्र करते ही संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड और सरकारी सचेतक मदन राठौड सहित कई सदस्यों ने इसका विरोध किया।
इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने बेनीवाल को शांति बनाए रखने और बैठने के निर्देश दिए। मेघवाल ने कहा कि आज सदन का पहला दिन है और वह किसी सदस्य के खिलाफ कोई कार्यवाही करना नही चाहते। उन्होंने कहा कि बेनीवाल की टिप्पणियों की कार्यवाही में अंकित नही करने के भी निर्देश दिए। मेघवाल द्वारा लगातार बैठने के निर्देश देने के बाद बेनीवाल सीट पर बैठ गए और उसके बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चली।
दिवंगत सदस्यों को दी गई श्रद्धांजलि
राजस्थान की चौदहवी विधानसभा के आखरी सत्र में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी सहित दिवंगत जनप्रतिनिधियों के प्रति दो मिनट का मौन रखकर शोकाभिव्यक्ति दी गई। विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए दिवंगत राजनेताओं के प्रति शोक प्रस्ताव रखा और उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
सदन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व लोकसभा अघ्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ,छतीसगढ के पूर्व राज्यपाल बलराम दास टंडन, हिमाचल प्रदेश की पूर्व राज्यपाल दर्मिला सिंह, तमिलनाडू के पूर्व मुख्यमंत्री एम करूणानिधि, मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री आर के दोरेन्द्रसिंह, पूर्व सांसद राजमाता कृष्णा कुमारी, विधायक धर्मपाल चौधरी, एवं पूर्व सदस्य टीकमचंद कांत, राम किशन वर्मा, बनवाली लाल मिंडा, प्रेम सिंह दहिया, जगन सिंह, छीतरलाल आर्य, शंकर लाल जाट, हरिसिंह, राम चन्द्र और लक्ष्मण प्रसाद पटेल के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। सदन में आज केरल और देश के अन्य स्थानों पर आये प्राकृतिक प्रकोप और बाढ़ के कारण मृत हुये लोगों के प्रति भी शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी गई।