मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में पहली बार विधानसभा मंत्रिमंडल कक्ष में हुई कैबिनेट बैठक में कई ऐसे फैसले लिए गए हैं। सबसे बड़ा फैसला स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में 'दो संतान' की अनिवार्यता को खत्म करना है, जिसने प्रदेश के लाखों संभावित उम्मीदवारों के लिए राजनीति के द्वार खोल दिए हैं।
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में एक बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए पंचायत और निकाय चुनावों से जुड़े नियमों में क्रांतिकारी बदलाव को हरी झंडी दे दी है। अब राजस्थान में दो से अधिक संतान वाले व्यक्ति भी चुनाव लड़ने के पात्र होंगे। कैबिनेट के इस फैसले के बाद जल्द ही विधानसभा में संबंधित विधेयक पेश किया जाएगा।
कैबिनेट ने राजस्थान पंचायत अधिनियम की धारा 19 और नगर पालिका अधिनियम की धारा 24 में संशोधन को मंजूरी दी है।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 2026 और राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की बाध्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, जिस संबंध में सरकार जल्द विधेयक लेकर आएगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
ठगी और टैक्स चोरी रोकने के लिए सरकार ने एक नया और शक्तिशाली तंत्र बनाने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई यह बैठक कई मायनों में खास रही। यह पहली बार है जब कैबिनेट की आधिकारिक बैठक विधानसभा के मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित की गई। बैठक के बाद डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, मंत्री जोगाराम पटेल और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रेस वार्ता कर इन महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी साझा की।