
जयपुर। राजस्थान में सत्ता बरकरार रखने के मकसद से भाजपा ने केन्द्रीय चुनाव समिति एवं संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद रविवार रात 11:15 बजे 131 प्रत्याशियों की पहली सूची (Rajasthan BJP Candidate list 2018 ) घोषित कर दी।
सूची में वसुंधरा राजे का दबदबा साफ नजर आया। अंतिम समय तक केन्द्रीय नेतृत्व से भिड़ी रहीं वसुंधरा आखिरकार अपने अधिकांश नामों को फाइनल कराने में कामयाब रहीं हालांकि केन्द्रीय नेतृत्व ने कमजोर प्रदर्शन के आधार पर मौजूदा 3 मंत्री और 23 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। जबकि 85 मौजूदा विधायकों फिर दावं लगाया गया है। 25 नए चेहरों को चुनाव में उतारा गया है और 12 महिलाओं को मौका मिला है।
कांग्रेस को फिर करनी पड़ेगी मशक्कत
भाजपा की सूची घोषित होती ही कांग्रेस में खलबली मच गई। पार्टी 150 सीटों पर नाम लगभग फाइनल कर चुकी है। अब कांग्रेस को फिर मशक्कत की जरूरत पड़ेगी। भाजपा ने सत्ता विरोधी लहर के बावजूद पुराने चेहरों पर फिर दावं लगाया है।
साथ ही संघ को खासी तवज्जो और पहली सूची में मुस्लिम प्रत्याशी नहीं उतारकर हिन्दूवादी एजेंडे को प्राथमिकता देने के संकेत दिए हैं। ऐसे में कांग्रेस ने भाजपा की लिस्ट आते ही मध्यम मार्ग की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
एक सांसद भी उतरे मैदान में
बाड़मेर जैसलमेर से सांसद कर्नल सोनाराम को बाड़मेर से टिकट दिया गया है। पूर्व मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेन्द्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी ने इस क्षेत्र में विधानसभा चुनाव के मददेनजर सोनाराम को आगे किया है।