Rajasthan Congress V/s BJP : विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को करारी मात देने के लिए भाजपा रणनीति पर रणनीति बनाये जा रही है। इसी क्रम में अब एक नई रणनीति पर काम शुरू किया गया है।
इस बार लोकसभा पालकों व प्रभारियों को हर बूथ पर 370 वोट भाजपा के पक्ष में बढ़ाने का टारगेट दिया गया है। इसमें 15 लाख नए मतदाताओं पर फोकस किया जा रहा है। साथ ही पिछले चुनावों में जो वोट कांग्रेस के पक्ष में थे, उनको भी अपने पक्ष में करने की योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान के हर बूथ पर टारगेट दिया है। लोकसभा पालकों की नियुक्तियां इसी थीम को ध्यान में रखकर की गई हैं। यह पहली बार है जब ये पद सृजित किए गए हैं। कुछ दिन पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने बैठक लेकर इस संबंध में गाइडलाइन दी है।
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भाजपा ने इसके साथ ही विस्तारकों का क्षेत्र भी बदला है। विधानसभा चुनाव में सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में यह विस्तारक लगाए थे। इन विस्तारकों की संख्या तो समान रहेगी, लेकिन इसके अतिरिक्त 25 लोकसभा क्षेत्र के हिसाब से विस्तारक भी एक्टिव किए गए हैं। विधानसभा चुनाव के बाद अधिकांश पुराने विस्तारकों का क्षेत्र भी बदला गया है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा पहले ही नव मतदाताओं को जोड़ने के लिए टारगेट पूरे करने में लगा है। युवा मोर्चा को प्रत्येक मंडल में पांच-पांच जगह कार्यक्रम करने के लक्ष्य दिए गए हैं। यह कार्यक्रम स्कूलों व कॉलेज के बाहर कैम्प के जरिये हो रहे हैं जो कि लोकसभा चुनावों तक जारी रहेंगे।