जयपुर

राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस MLA का ‘अभद्र इशारा’- वीडियो वायरल, अब होगा एक्शन!

सदन की कार्यवाही के दौरान एक ऐसा मुद्दा गूँजा जिसने लोकतंत्र के मंदिर की शुचिता पर सवाल खड़े कर दिए।कांग्रेस विधायक द्वारा सदन में किए गए कथित 'अभद्र इशारे' ने सत्ता पक्ष को आगबबूला कर दिया है, वहीं स्पीकर वासुदेव देवनानी ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया है।

2 min read
Feb 13, 2026

जयपुर। राजस्थान विधानसभा, जिसे देश भर में अपने गौरवमयी इतिहास और उच्च संसदीय परंपराओं के लिए जाना जाता है, आज 'अभद्र व्यवहार' के आरोपों के घेरे में है। शुक्रवार को सदन की गरिमा का मुद्दा तब गरमाया जब निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा के पिछले दिन ( गुरुवार को ) के व्यवहार को लेकर मोर्चा खोल दिया। कृपलानी ने आरोप लगाया कि सदन के भीतर जिस तरह के इशारे और भाषा का इस्तेमाल हो रहा है, वह निंदनीय है।

ये भी पढ़ें

राजस्थान में 93 साल की बुजुर्ग महिला का होगा DNA टेस्ट, सभी को हैरान कर रहा ये ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ केस

'गालियां और अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं'

वरिष्ठ भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने सदन में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से विधानसभा की परंपराएं टूट रही हैं। उन्होंने शांति धारीवाल का नाम लेते हुए कहा कि वे पहले भी दो बार गालियां बक चुके हैं।

कृपलानी ने रोहित बोहरा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके व्यवहार ने राजस्थान के गौरव को ठेस पहुँचाई है। आज समाचार पत्रों के संपादकीय में भी इस आचरण की आलोचना छपी है। उन्होंने मांग की कि ऐसे सदस्यों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो जो भविष्य के लिए मिसाल बने।

Congress MLA Rohit Bohra

'ऐसे सदस्यों को सदन में रहने का हक नहीं'

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कृपलानी की बात का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि चाहे पक्ष हो या प्रतिपक्ष, उत्तेजना के क्षणों में भी वाणी और व्यवहार का संयम नहीं खोना चाहिए। पटेल ने टीवी चैनलों पर चल रहे वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि यदि हमारा आचरण समाचार पत्रों की सुर्खियों में नकारात्मक रूप से आता है, तो यह बेहद गंभीर है। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि जिनका आचरण ठीक नहीं है, उन्हें सदन में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए।

कांग्रेस का बचाव: 'इतनी बड़ी बात भी नहीं है'

जब सत्ता पक्ष रोहित बोहरा के खिलाफ लामबंद था, तब कांग्रेस विधायक रफीक खान ने माहौल को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने बीच में टोकते हुए कहा कि "इतनी बड़ी बात भी नहीं है।" हालांकि, भाजपा विधायकों ने इसे लोकतंत्र का अपमान बताते हुए माफी की मांग पर अड़े रहे। कांग्रेस का तर्क है कि सदन में कई बार तीखी नोकझोंक होती है, जिसे आपसी संवाद से सुलझाया जाना चाहिए।

स्पीकर वासुदेव देवनानी की 'फाइनल वार्निंग'

पूरे विवाद को सुनने के बाद स्पीकर वासुदेव देवनानी ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने सदस्यों को याद दिलाया कि विधानसभा का स्तर क्या होना चाहिए। स्पीकर ने कहा कि राजस्थान की 8 करोड़ जनता हमें यूट्यूब और टीवी के जरिए देख रही है। हम लाखों मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए हमारा व्यवहार मर्यादित होना चाहिए।

देवनानी ने घोषणा की कि वे कथित घटना का वीडियो फुटेज देखेंगे। यदि रोहित बोहरा का व्यवहार सदन की गरिमा और मर्यादा के अनुकूल नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ उचित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

क्या रोहित बोहरा पर गिरेगी गाज?

रोहित बोहरा राजस्थान के दिग्गज नेता प्रद्युम्न सिंह के पुत्र हैं और खुद भी काफी मुखर रहते हैं। लेकिन उन पर लगे 'अभद्र इशारे' के आरोप ने उनकी छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें स्पीकर के निर्णय पर टिकी हैं। यदि वीडियो में आरोप सही पाए जाते हैं, तो बोहरा को सदन से निलंबित भी किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें

राजस्थान में भी शेयर बाज़ार के ‘ब्लैक फ्राइडे’ का असर, निवेशकों के करोड़ों डूबे 

Published on:
13 Feb 2026 04:24 pm
Also Read
View All

अगली खबर