परिवहन कार्यालयों की लाइसेंस एवं वाहन संबंधी सेवाओं के फ्रंट आफिस काउंटर्स को पासपोर्ट कार्यालय की तर्ज पर निजी क्षेत्र के माध्यम से संचालित किया जाएग
जयपुर। हमेशा से लोगों की शिकायत रही है कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लंबी और जटिल प्रकिया से गुजरना पड़ता है जिसमें काफी समय लग जाता है। लेकिन अब इस जटिल प्रक्रिया से लोगों को निजात मिल पाएगी। क्योंकि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन की प्रक्रिया को राजस्थान सरकार ने पेपरलैस बनाने की तैयारी कर ली है।
आज राजस्थान का बजट पेश हुआ जिसमें राज्य सरकार ने घोषणा करते हुए कहा कि, आमजन की सुविधाओं के लिए परिवहन कार्यालयों की लाइसेंस एवं वाहन संबंधी सेवाओं के फ्रंट आफिस काउंटर्स को पासपोर्ट कार्यालय की तर्ज पर निजी क्षेत्र के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसी के साथ ड्राइविंग लाइसेंस एवं व्हीकल रजिस्ट्रेशन संबंधी समस्त आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलैस किया जाएगा।
अभी होती है कागजी कार्रवाई
अभी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया काफी जटिल है और कागजी कार्रवाई में काफी समय लगता है ऐसे में इसके पूरी तरह से ऑनलाइन होने के बाद लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों की ये समस्या दूर हो जाएगी और वे आवेदन प्रक्रिया को घर बैठे ही बड़ी आसानी के साथ पूरा कर पाएंगे।
इन शहरों में होंगे ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक्स
राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा में कहा गया कि, अजमेर को छोडकऱ प्रदेश के बाकि 6 संभागीय मुख्यालयों एवं सात अन्य जिलों पाली, दौसा, सीकर, चित्तौडगढ़़, अलवर, झालावाड़ एवं डीडवाना नागौर में पूरी तरह से ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक्स की निर्माण प्रकिया शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में बाकी रहे जिला परिवहन कार्यालयों में भी इस वर्ष में ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक्स का निर्माण कराया जाएगा।
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