जयपुर

Rajasthan Budget 2026 Announcements : अब ‘लाल बत्ती’ पर नहीं रुकेंगे ट्रैफिक! जानें क्या है ये ‘गज़ब’ घोषणा?

वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट 2026-27 में प्रदेश के सभी संभागों के लिए एक ऐसा रोडमैप पेश किया है, जो शहरी जीवन की गुणवत्ता को पूरी तरह बदल देगा।

2 min read
Feb 11, 2026

जयपुर: राजस्थान के शहरों में लगातार बढ़ता ट्रैफिक जाम अब बीते कल की बात होने वाली है। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट में घोषणा की है कि प्रदेश के सभी 10 संभागीय मुख्यालयों (जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर, सीकर, पाली और बांसवाड़ा) को 'सिग्नल फ्री' बनाने के लिए 'कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान' (CMP) लागू किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 2300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे, जिसमें अकेले राजधानी जयपुर के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

राजस्थान बजट की लेटेस्ट अपडेट्स के लिए यहां करें क्लिक

ये भी पढ़ें

Rajasthan Budget 2026 Announcements: भजनलाल सरकार ने खोला 1800 करोड़ का पिटारा, सड़कों का बिछेगा जाल, जानें क्या है पूरा प्लान?

क्या है 'कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान' (CMP)?

यह केवल सड़कों को चौड़ा करने का काम नहीं है, बल्कि एक डेटा-संचालित आधुनिक शहरी परिवहन योजना है। इसके तहत प्रत्येक संभागीय मुख्यालय की भौगोलिक स्थिति और ट्रैफिक डेंसिटी का अध्ययन किया जाएगा।

  • IPMS तकनीक: चिन्हित सड़कों और प्रमुख चौराहों पर Intelligent Peripheral Monitoring System (IPMS) लगाया जाएगा। यह सिस्टम एआई (AI) और सेंसर के जरिए ट्रैफिक के बहाव को नियंत्रित करेगा।
  • ट्रैफिक सॉल्यूशंस: जहाँ ट्रैफिक ज्यादा है, वहां बिना सिग्नल के वाहनों की निकासी के लिए विशेष डिजाइन तैयार किए जाएंगे।

फ्लाईओवर्स और अंडरपास का बनेगा जाल

शहरों को सिग्नल फ्री करने का सबसे बड़ा जरिया है—बिना रुके निकलने का रास्ता। बजट में घोषणा की गई है कि सभी संभागों के मुख्य जंक्शन्स पर:

  • फ्लाईओवर्स (Flyovers): भारी ट्रैफिक वाले चौराहों पर नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
  • अंडरपास (Underpass): पैदल यात्रियों और स्थानीय वाहनों के लिए सुगम अंडरपास का निर्माण होगा।
  • पार्किंग सॉल्यूशंस: सड़कों पर होने वाले जाम की बड़ी वजह अवैध पार्किंग है। सरकार अब संभागों में मल्टीलेवल और स्मार्ट पार्किंग प्रोजेक्ट्स पर काम करेगी ताकि सड़कें केवल चलने के लिए खाली रहें।

जयपुर को मिला 1000 करोड़ का 'स्पेशल डोज'

राजधानी जयपुर में ट्रैफिक की समस्या सबसे जटिल है। इसे देखते हुए कुल 2300 करोड़ के बजट में से 1000 करोड़ रुपये केवल जयपुर के लिए आवंटित किए गए हैं। संभावना है की है कि जयपुर के व्यस्ततम इलाकों जैसे अजमेर रोड, टोंक रोड और सीकर रोड पर नए ट्रैफिक मॉडल्स लागू किए जाएंगे। 'स्मार्ट मोबिलिटी' के जरिए जयपुर को वैश्विक स्तर के महानगरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।

प्रदूषण में कमी और समय की बचत

सिग्नल फ्री सड़कें होने से केवल जाम ही खत्म नहीं होगा, बल्कि इसके कई दूरगामी फायदे होंगे:

  • ईंधन की बचत: बार-बार गाड़ी रोकने और स्टार्ट करने से होने वाली ईंधन की खपत कम होगी।
  • प्रदूषण पर लगाम: चौराहों पर खड़े रहने वाले वाहनों से निकलने वाला धुआं कम होगा, जिससे शहरी हवा की गुणवत्ता सुधरेगी।
  • आपातकालीन सेवाएं: एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी सेवाओं को जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।

तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर का बेजोड़ संगम

वित्त मंत्री दिया कुमारी ने स्पष्ट किया कि 'विकसित राजस्थान' के लिए शहरों का 'फास्ट और स्मूथ' होना जरूरी है। इस 2300 करोड़ के निवेश से संभागों में न केवल कंक्रीट का ढांचा खड़ा होगा, बल्कि तकनीक (IT) के जरिए ट्रैफिक को रेगुलेट किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट राजस्थान को शहरी नियोजन (Urban Planning) के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा कर देगा।

ये भी पढ़ें

Rajasthan Budget 2026 : दीया कुमारी का ऐलान, राजस्थान की जनता के लिए गुड न्यूज, 2 लाख के पार हो जाएगी सालाना इनकम

Updated on:
11 Feb 2026 12:24 pm
Published on:
11 Feb 2026 12:22 pm
Also Read
View All

अगली खबर