
Rajasthan Cabinet Meeting: राजस्थान की भजनलाल सरकार आज प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलावों की तैयारी में है। दोपहर एक बजे विधानसभा सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में कई ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लग सकती है।
बता दें कि इस बैठक का सबसे चर्चित मुद्दा पंचायत और निकाय चुनावों में 'दो बच्चों की बाध्यता' को समाप्त करना है। यदि सरकार इस नियम को हटाने का फैसला लेती है, तो यह आगामी स्थानीय चुनावों के समीकरण पूरी तरह बदल देगा।
बैठक में केवल चुनावी सुधार ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और संपत्ति से जुड़े कानूनों पर भी चर्चा होगी। सरकार 'विक्षुब्ध क्षेत्र संपत्ति अंतरण प्रतिषेध विधेयक 2026' को सदन में लाने की तैयारी कर रही है। यह कानून विशेष क्षेत्रों में संपत्ति के हस्तांतरण और किरायेदारों की सुरक्षा के नियमों को और अधिक पारदर्शी और सख्त बनाएगा।
प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए उद्योग विभाग के तीन बड़े एजेंडों पर चर्चा होगी। इसमें ऊर्जा संयंत्रों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने और उद्योगों को विशेष रियायतें देने के प्रस्ताव शामिल हैं।
कैबिनेट बैठक के समानांतर विधानसभा का सत्र भी गरमाया रहेगा। प्रश्नकाल के दौरान उपमुख्यमंत्री डॉ. पीसी बेरवा बिजली, राजस्व और पेयजल (PHED) जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर विधायकों के तीखे सवालों का सामना करेंगे।
नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा हाउसिंग बोर्ड और प्रदेश के 7 विकास प्राधिकरणों (जयपुर, जोधपुर, कोटा आदि) की प्रगति रिपोर्ट पेश करेंगे। सरकारी उपक्रमों के वित्तीय कामकाज का लेखा-जोखा (CAG रिपोर्ट) पटल पर रखा जाएगा। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए जैसलमेर में सोलर प्रोजेक्ट्स से पर्यावरण को होने वाले नुकसान और अजमेर की आना सागर झील की बदहाली का मुद्दा उठाया जाएगा।
बताते चलें कि आज का दिन राजस्थान के लिए नीतिगत रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां 'दो संतान' के नियम में ढील देकर सरकार अपनी राजनीतिक पैठ मजबूत करना चाहती है। वहीं, दूसरी ओर नए विधेयकों के जरिए प्रशासनिक नियंत्रण को कड़ा करने की तैयारी है।