सीएम शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालते ही राज्य की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को न केवल स्थिरता दी, बल्कि उसे एक नई दिशा भी प्रदान की है।
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक नई परंपरा की शुरुआत की। उन्होंने अपनी सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर उपलब्धियों का आधिकारिक दस्तावेज सदन के पटल पर रखा। मुख्यमंत्री ने पुरजोर तरीके से दावा किया कि उनकी सरकार ने मात्र दो वर्षों में वह कर दिखाया है, जो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पांच वर्षोंमें भी नहीं कर पाई थी।
मुख्यमंत्री ने सदन के सामने सड़क, बिजली और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों का तुलनात्मक ब्यौरा रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास की रफ्तार अब 'डबल इंजन' की गति से बढ़ रही है।
सीएम शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालते ही राज्य की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को न केवल स्थिरता दी, बल्कि उसे एक नई दिशा भी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि हमारा ध्येय केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन कर्तव्यों—उत्पादकता बढ़ाना, आकांक्षाओं को पूरा करना और क्षमताओं का निर्माण करना—पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उनकी सरकार 'संकल्प पत्र' के वादों के प्रति जवाबदेह है। उन्होंने कहा, "हमारा शासन पारदर्शी है, इसीलिए हम प्रत्येक वर्ष किए गए नीतिगत निर्णयों और विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता की अदालत में जाएंगे।" उन्होंने विश्वास दिलाया कि 'सबका साथ, सबका विकास' केवल एक नारा नहीं, बल्कि उनकी सरकार की कार्यशैली का मूलमंत्र है।
सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आगामी तीन वर्षों के विजन को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि अगले तीन सालों में विकास की गति को और अधिक रफ्तार दी जाएगी ताकि राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का केंद्र बिंदु प्रदेश का युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति है। इन तीनों वर्गों को सम्मान और अवसर प्रदान करना ही हमारी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री द्वारा सीधे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल से तुलना करने पर सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। जहाँ भाजपा विधायकों ने 'भजनलाल सरकार' के पक्ष में नारेबाजी की, वहीं विपक्ष ने आंकड़ों को चुनौती देने का प्रयास किया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने आधिकारिक दस्तावेजों के साथ अपनी बात को पुरजोर तरीके से रखा।