
राजस्थान में निकाय चुनावों के अध्यक्षों की कुर्सी का फैसला होने के बाद अब उप-प्रमुखों यानी उपाध्यक्षों के चुनाव को लेकर प्रदेश भर की राजनीति में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 304 शहरी निकायों में उपाध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाई जा रही है। सुबह 10 बजे सभी 304 निकायों में नवनिर्वाचित पार्षदों की विशेष बैठक शुरू होने के बाद सुबह 11 बजे तक नामांकन पत्र जमा कराए जाएंगे। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान की प्रक्रिया चलेगी और वोटिंग खत्म होते ही वोटों की गिनती शुरू कर दी जाएगी। दूसरी ओर, राजधानी जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत पालिका में महापौर व अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 25 सितंबर 2026 को कराए जाएंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तय समय-सारणी के अनुसार आज प्रदेश के 304 निकायों में उपाध्यक्ष चुनाव का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:
सुबह 10:00 बजे: निकायों में पार्षदों की बैठक की शुरुआत।
सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक: उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्रों की प्रस्तुति।
दोपहर 12:30 बजे तक: नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny)।
दोपहर 2:00 बजे तक: नाम वापसी (Withdrawal of Nomination) का समय।
दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक: पार्षदों द्वारा मतदान।
शाम 5:00 बजे के बाद: मतगणना की प्रक्रिया और परिणामों की तुरंत घोषणा।
जहां एक तरफ 304 निकायों में आज ही उपाध्यक्ष का फैसला हो जाएगा, वहीं प्रदेश के 4 बड़े व महत्वपूर्ण निकायों को लेकर आयोग ने अलग तारीख तय की है। जयपुर नगर निगम, जोधपुर नगर निगम, कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिका में महापौर और पालिका अध्यक्ष का चुनाव 25 सितंबर 2026 को कराया जाएगा। इन चारों निकायों में अध्यक्ष व महापौर का फैसला होने के तुरंत बाद आयोग द्वारा उपाध्यक्ष व उप-महापौर के चुनाव का शेड्यूल जारी किया जाएगा।
25 सितंबर को होने वाले चुनावों के लिए चल रही पर्चा दाखिले की प्रक्रिया के दौरान बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। कोटा नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार द्वारा भरे गए दो नामांकन पत्रों में से जांच के दौरान एक पर्चा खारिज कर दिया गया है। हालांकि, उनका दूसरा पर्चा तकनीकी रूप से सही पाया गया है। वहीं सुकेत नगर पालिका में जांच के दौरान दो अलग-अलग प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म पूरी तरह खारिज कर दिए गए हैं, जिससे सुकेत के स्थानीय राजनीतिक समीकरण अचानक बदल गए हैं।
304 निकायों में उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ही बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं। निर्दलीय पार्षदों को साधने और ऐन मौके पर अपनी पार्टी के पार्षदों में क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए अधिकांश जिलों में सोमवार रात से ही पार्षदों को अज्ञात स्थानों और रिजॉर्ट्स में बाड़ेबंदी में रखा गया है। पार्षदों को सीधी बसों और गाड़ियों में बैठकर ही नगर निगम व पालिका परिसरों में मतदान के लिए पहुंचाया जा रहा है। शाम 5 बजे के बाद जैसे ही मतगणना पूरी होगी, राजस्थान के 304 शहरों के नए उप-कप्तान सामने आ जाएंगे।