
Ex MLA Divya Maderna
जोधपुर जिले की नवनिर्मित मथानिया नगरपालिका के पहले अध्यक्ष (चेयरमैन) पद के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए अपना बोर्ड बना लिया है। वोटिंग और उसके तुरंत बाद हुई मतगणना के नतीजों में कांग्रेस की उम्मीदवार लीला देवी ने जीत हासिल कर मथानिया की नई चेयरमैन की कुर्सी अपने नाम कर ली है। इस चुनाव में कुल 25 वोटों में से कांग्रेस प्रत्याशी लीला देवी को 17 वोट मिले, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रत्याशी इंद्रा देवी को महज 8 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। इस नतीजे के बाद पूरे मथानिया क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के साथ विजय जुलूस निकाला। पूर्व ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा ने तो कार की छत पर चढ़कर जश्न मनाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है।
मथानिया नगर पालिका का अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति (महिला) वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था। 25 वार्डों वाली इस नगरपालिका में चेयरमैन बनाने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 13 था।
नगरपालिका चुनाव के अंतिम परिणाम का दलीय विवरण रहा:
कांग्रेस प्रत्याशी (लीला देवी): 17 वोट
भाजपा प्रत्याशी (इंद्रा देवी): 8 वोट
कुल वैध मतदान: 25 पार्षद
वार्ड पार्षदों के चुनाव में कांग्रेस ने पहले ही 16 सीटों पर सीधी जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया था। इसके विपरीत भाजपा के पास केवल 7 सीटें थीं और 2 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे। अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी कांग्रेस के पक्ष में गया, जिससे कांग्रेस का आंकड़ा बढ़कर 17 तक पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार मथानिया नगरपालिका चुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला पुराने प्रतिद्वंद्वियों के बीच का रीप्ले साबित हुआ। इससे पहले हुए वार्ड नंबर 11 के पार्षद चुनाव में भी कांग्रेस की लीला देवी और भाजपा की इंद्रा देवी आमने-सामने थीं। उस समय लीला देवी ने इंद्रा देवी को शिकस्त देकर पार्षद की सीट पर कब्जा किया था।
जब अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति (महिला) के लिए रिजर्व हुआ, तो दोनों पार्टियों ने इन्हीं दो चेहरों पर दांव खेला। 21 सितंबर को हुए मतदान में लीला देवी ने एक बार फिर इंद्रा देवी को हरा दिया और मथानिया की पहली चेयरमैन बनने का गौरव प्राप्त किया।
मथानिया क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से मदेरणा परिवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। पूर्व ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा ने मथानिया के पहले नगरपालिका बोर्ड में कांग्रेस का परचम फहराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी।
पार्षद चुनाव के नतीजों के बाद से ही दिव्या मदेरणा ने कांग्रेस पार्षदों को एकजुट रखा ताकि किसी भी तरह की बाड़ेबंदी या क्रास वोटिंग की संभावना को खत्म किया जा सके। 25 में से 16 पार्षद कांग्रेस के खुद के थे, जिसके कारण मथानिया में आसानी से कांग्रेस का बोर्ड गठित हो गया। स्थानीय कांग्रेस समर्थकों का मानना है कि इस जीत से ओसियां और मथानिया विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस संगठन को नया बल मिलेगा।
मथानिया नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया के दिन भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने स्थानीय भाजपा विधायक भैराराम सियोल और पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
दिव्या मदेरणा का आरोप था कि रिटर्निंग ऑफिसर (RO) सत्ता पक्ष के इशारे पर काम कर रहे हैं और निष्पक्ष प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। दिव्या मदेरणा ने बयान दिया कि "मथानिया की जनता ने भाजपा को पूरी तरह नकार दिया है, इसके बावजूद सरकारी तंत्र पर दबाव बनाकर जनादेश के विपरीत बोर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है।"
मथानिया को हाल ही में ग्राम पंचायत से पदोन्नत करके नगरपालिका का दर्जा दिया गया था। ऐसे में पहली बार निर्वाचित हुए इस बोर्ड पर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
मथानिया की नई चेयरमैन लीला देवी ने अपनी जीत के बाद कहा कि मथानिया शहर में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, मुख्य सड़कों का निर्माण, और स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। मथानिया मिर्च मंडी और आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों को नगर पालिका स्तर की आधुनिक सुविधाएं देना भी नए बोर्ड का मुख्य लक्ष्य होगा।
Updated on:
21 Sept 2026 04:07 pm
Published on:
21 Sept 2026 04:06 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
