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Rajasthan: लॉरेंस-आरजू गैंग के जिन दो शार्प शूटरों को AGTF ने दबोचा, नेपाल से ही कर रही थी पीछा

नेपाल से भारत लौटे दो इनामी बदमाशों की राजस्थान में एंट्री की सूचना एजीटीएफ को पहले ही मिल गई थी। सिरोही से जोधपुर तक पीछा करने के बाद दोनों को होटल के कमरे से दबोचा गया।
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Jodhpur Crime: पुलिस की गिरफ्त में दोनों शॉर्प शूटर (फोटो-पत्रिका)

जोधपुर। लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग से जुड़े जिन दो शार्प शूटरों को राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया है, उनकी तलाश सिर्फ राजस्थान में शुरू नहीं हुई थी। पुलिस के अनुसार, एजीटीएफ करीब डेढ़ साल से दोनों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। दोनों पंजाब में हत्या के मामलों में वांछित थे और पंजाब पुलिस ने उन पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

नेपाल से भारत लौटने के बाद दोनों के राजस्थान में प्रवेश करने की सूचना एजीटीएफ को पहले ही मिल गई थी। टीम ने सिरोही से दोनों का पीछा किया और जोधपुर पहुंचने के बाद उनकी लोकेशन की पुष्टि कर कमिश्नरेट पुलिस के सहयोग से होटल में दबिश दी। दोनों जोधपुर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में बताए जा रहे हैं।

नेपाल से लगातार पीछे लगी थी टीम

पुलिस के अनुसार, करीब डेढ़ वर्ष पहले फाजिल्का और अबोहर में हत्या की वारदातों के बाद दोनों आरोपियों के नेपाल भागने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद एजीटीएफ ने दोनों की गतिविधियों और संभावित आवागमन पर निगरानी शुरू कर दी थी।

नेपाल में दबाव बढ़ने के बाद दोनों भारत लौटे और मध्य प्रदेश के रास्ते राजस्थान में प्रवेश किया। कार्रवाई से करीब तीन दिन पहले दोनों के सिरोही में होने और वहां से जोधपुर की ओर बढ़ने की सूचना एजीटीएफ को मिली। इसके बाद टीम ने उनकी गतिविधियों पर निगरानी और बढ़ा दी।

जोधपुर पहुंचने की पुष्टि होने के बाद एजीटीएफ ने जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस को साथ लिया और दोनों की तलाश शुरू की। आखिरकार कैलाश नगर स्थित होटल सनसिटी इन में दोनों की लोकेशन मिली।

फर्जी नाम से होटल में ठहरे थे दोनों

पुलिस के मुताबिक दोनों होटल के कमरा नंबर 204 में फर्जी पहचान से ठहरे हुए थे। होटल में उन्होंने अपनी पहचान नवीन जाखड़ और आशू चाबड़ा के रूप में बताई थी। हालांकि, पुलिस पूछताछ में दोनों की असली पहचान सामने आ गई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा (23) निवासी हरसिंह रायनगर, फाजिल्का और राजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला (23) निवासी बलुआना, थाना सदर अबोहर, फाजिल्का के रूप में हुई है। कार्रवाई एडीजी एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ दिनेश एमएन के निर्देशन में की गई।

बैग की तलाशी में मिला अफीम का दूध और रिवॉल्वर

पुलिस ने दोनों के सामान की तलाशी ली तो कई अहम चीजें बरामद हुईं। जसकरण के बैग से 58 ग्राम और राजिंदर के बैग से 25 ग्राम, कुल 83 ग्राम अफीम का दूध मिला। राजिंदर के कब्जे से एक अवैध रिवॉल्वर भी बरामद की गई।

इसके अलावा जसकरण से 43 हजार रुपए और राजिंदर से 45,100 रुपए यानी कुल 88,100 रुपए नकद बरामद हुए। दोनों के पास से कथित फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

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पंजाब में दर्ज हैं 12 मामले

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ पंजाब में कुल 12 मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी, लूट, चोरी/संपत्ति संबंधी अपराध, सामूहिक हिंसा और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। राजिंदर के खिलाफ 8 और जसकरण के खिलाफ 4 मामले दर्ज बताए गए हैं।

दोनों अबोहर के कपड़ा व्यापारी संजय वर्मा और फाजिल्का में साहिल सेन की हत्या समेत कई मामलों में वांछित बताए गए हैं। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वे जोधपुर क्यों आए थे, किस वारदात की तैयारी में थे और गैंग से जुड़े उनके अन्य संपर्क कौन-कौन हैं।

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