जयपुर

Rajasthan Congress: राजस्थान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष 4 महीने बाद भी कार्यकारिणी घोषित नहीं कर पाए, जानें क्यों

Rajasthan Congress News: राहुल गांधी के ड्रीम प्रोजेक्ट संगठन सृजन अभियान के तहत राजस्थान में नियुक्त कांग्रेस जिलाध्यक्ष करीब चार महीने बाद भी अपनी जिला कार्यकारिणी घोषित नहीं कर सके है।

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Mar 22, 2026
chhattisgarh Congress (Patrika File Photo)

जयपुर। कांग्रेस में राहुल गांधी के ड्रीम प्रोजेक्ट संगठन सृजन अभियान के तहत प्रदेश में नियुक्त जिलाध्यक्ष करीब चार महीने बाद भी अपनी जिला कार्यकारिणी घोषित नहीं कर सके है। राजस्थान कांग्रेस के 50 संगठनात्मक जिलों में से पहले चरण में 45 जिलाध्यक्ष, जबकि दूसरे और तीसरे चरण में चार और एक जिले में अध्यक्ष घोषित किए गए थे।

उस समय दावा किया गया था कि 15 दिनों के भीतर जिला कार्यकारिणी घोषित कर दी जाएगी, लेकिन 22 नवंबर, 2025 को जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद भी अब तक कार्यकारिणियां नहीं बन सकी है।

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पहले 71 सदस्यीय कार्यकारिणी, अब संशोधित

प्रदेश कांग्रेस ने शुरुआत में हर जिले में 71 सदस्यीय कार्यकारिणी बनाने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) ने नए नियम लागू कर दिए। इसके तहत जिन जिलों में चार विधानसभा क्षेत्र तक हैं वहां 31 सदस्यीय और चार से अधिक विधानसभा क्षेत्रों वाले जिलों में 51 सदस्यीय कार्यकारिणी बनाने का प्रावधान किया गया।

पहले कई जिलों से 7 सदस्यीय कार्यकारिणी के नाम भेजे थे

पहले कई जिलों से 7 सदस्यीय कार्यकारिणी के नाम भेजे जा चुके थे, इसलिए एआइसीसी के निर्देश के बाद सूचियों में संशोधन कराया गया। हालांकि, अब दिल्ली पहुंचने से पहले ही सूचियां अटकी हुई है।

पंचायत-निकाय चुनाव टलने से भी देरी

पहले माना जा रहा था कि प्रदेश में जल्द पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव हो सकते हैं। इसलिए कांग्रेस कार्यकारिणी जल्द घोषित करने की तैयारी में थी, लेकिन अब चुनाव टलते नजर आ रहे हैं। ऐसे में कार्यकारिणी घोषित करने की प्रक्रिया में भी सुस्ती दिखाई दे रही है।

जिलाध्यक्षों से प्रदेशाध्यक्ष करेंगे चर्चा

सूत्रों के अनुसार अधिकांश जिलों से जिलाध्यक्षों ने कार्यकारिणी के लिए प्रस्ताव पीसीसी को भेज दिए हैं। अब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जिलाध्यक्षों से चर्चा कर यह सुनिश्चित करेंगे कि सूची बनाने से पहले जिले के वरिष्ठ नेताओं से परामर्श हुआ है या नहीं।

इन वर्गों के प्रतिनिधित्व की भी की जाएगी समीक्षा

साथ ही एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के प्रतिनिधित्व की भी समीक्षा की जाएगी। इसके बाद अंतिम सूची दिल्ली कांग्रेस आलाकमान को भेजी जाएगी, जहां परीक्षण के बाद कार्यकारिणी जारी होंगी।

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