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Taranga Hill-Ambaji-Abu Road New Rail Project: आबूरोड। तारंगा हिल-अंबाजी-आबूरोड नई रेल परियोजना का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। वर्तमान में अर्थ वर्क, स्टेशन बिल्डिंग, रोड अंडर ब्रिज, टनल बनाई जा रही है। इंजीनियरिंग शाखाओं के अधिकारी और कर्मचारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस ड्रीम परियोजना को तय सीमा में धरातल पर लाने में जुटे हुए है।
गुजरात में अंबाजी के बाद तारंगा हिल में भी स्टेशन भवन बनाने का कार्य शुरू हो चुका है। मार्च, 2027 तक चार बड़ी टनलों का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना के अंतर्गत आबूरोड में नया प्लेटफार्म बनाया जा रहा है। 116.65 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना पर करीब 30 अरब 50 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय से परियोजना में चल रहे हरेक कार्य की बारीकी से निगरानी रखी जा रही है। निर्धारित समय सीमा में ड्रोन से कार्यों की प्रगति के फोटो और वीडियो लिए जा रहे हैं। जिससे लक्ष्य के अनुसार कार्य किया जा रहा है या नहीं इसका पता लग सके। ये फोटो और वीडियो प्रधानमंत्री कार्यालय भिजवाए जा रहे हैं।
परियोजना अंतर्गत कुल 13 सुरंग बनाई जाएंगी, जिनकी कुल लंबाई 13 किलोमीटर होगी। गुजरात के शक्तिपीठ अंबाजी में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन के निकट सबसे बड़ी सुरंग बनेगी, जो 2300 मीटर लंबी होगी। उधमपुर-कटरा रेल लाइन परियोजना में सुरंगों के निर्माण की एनएटीएम (न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड) तकनीक से सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इस रेलमार्ग पर आबूरोड ब्लॉक के सुरपगला गांव के निकट सबसे ऊंचे पुल जिसकी ऊंचाई 80 मीटर होगी।
परियोजना के तहत राजस्थान में सिरोही व गुजरात के मेहसाणा, साबरकांठा और बनासकांठा जिला कवर होंगे। आबूरोड सहित कुल 15 रेलवे स्टेशन होंगे। रेलमार्ग पर नए स्टेशनों में सबसे बड़ा स्टेशन गुजरात के अंबाजी में होगा। जहां छह मंजिला यात्री विश्रामालय बनाया जा रहा है। इससे शक्तिपीठ पर आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी सुविधा उपलब्ध होगी।
आबूरोड ब्लॉक के कुई, चंद्रावती, सियावा, सुरपगला, डेरी समेत अन्य क्षेत्रों में रेल लाइन बिछाने, टनल निर्माण समेत अन्य कार्य चल रहे हैं सियावा के मालियावास क्षेत्र में एक बेस कैप बनाया है। जहां परीक्षण के लिए अस्थाई प्रयोगशाला स्थापित की है। आबूरोड स्टेशन पर नया प्लेटफाम बनाया जा रहा है, जहां से परियोजना अंतर्गत यात्री ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
गुजरात के मेहसाणा जिले में अरावली पर्वतमाला पर स्थित तारंगा हिल एक प्रसिद्ध जैन और बौद्ध तीथ स्थल है। यहां 12वीं शताब्दी में निर्मित जैन मंदिर है। जोगीड़ानी गुफा है, ज बौद्ध भिक्षुओं की ओर से उपयोग की जाती थी। परियोजना दो प्रमुख धार्मिक स्थल अंबाजी और तारंगा हिल को रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी।
तारंगा हिल-अंबाजी-आबूरोड नई रेललाइन परियोजना निर्माण कार पर लगभग 3050 करोड़ रुपए लागत आएगी। कार्य प्रगति पर है। भूमि अधिग्रहण कार्य पूरा किया जा चुका है। अर्थ वर्क, स्टेशन बिल्डिंग, रोड़ अंडर ब्रिज, टनल व अन्य कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं। कुल 13 टनलों में से 4 बड़ी टनलों का निर्माण मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। तारंगा हिल में स्टेशन बिल्डिंग का कार्य चल रहा है।
-अमित सुदर्शन, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-पश्चिम रेलवे, जयपुर
Updated on:
21 Mar 2026 04:39 pm
Published on:
21 Mar 2026 01:55 pm
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