जयपुर

Pilot Vs Gehlot: नकारा-निकम्मा से गद्दार तक के आरोप, जानें अशोक गहलोत-सचिन पायलट की 6 साल की चर्चित राजनीतिक जंग

Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot: राजस्थान कांग्रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चला सियासी संघर्ष पिछले छह वर्षों से लगातार चर्चा में रहा है। कभी 'नकारा-निकम्मा' और 'गद्दार' जैसे तीखे आरोप लगे, तो कभी दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के लिए सम्मान और सुलह के संदेश भी दिए।

3 min read
Jun 08, 2026
Ashok Gehlot And Sachin Pilot
दिल्ली में बैठक के दौरान अशोक गहलोत और सचिन पायलट (फोटो: सोशल मीडिया)

Rajasthan Congress Politics: राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में अशोक गहलोत और सचिन पायलट का रिश्ता केवल दो नेताओं के बीच मतभेद की कहानी नहीं है। ये मतभेद सत्ता, नेतृत्व और राजनीतिक उत्तराधिकार की लंबी लड़ाई का प्रतीक बन चुका है। 6 सालों से यानी साल 2020 की बगावत से शुरू हुई यह खींचतान कभी 'नाकारा' और 'निकम्मा' जैसे तीखे हमलों तक पहुंची, तो कभी 'गद्दार' जैसे आरोपों में बदल गई।

दिलचस्प यह है कि सियासी तल्खियों के बीच रिश्तों की भाषा भी लगातार बदलती रही। सचिन पायलट गहलोत को 'पितातुल्य' बता चुके हैं, वहीं रविवार को गहलोत ने भी पायलट को अपने पुत्र वैभव गहलोत की तरह 'पुत्रतुल्य' बताया। दूसरी ओर पायलट ने अधिकांश मौकों पर संयमित भाषा का सहारा लेते हुए संगठन और सम्मान की राजनीति का संदेश दिया। समय-समय पर दोनों नेताओं के बीच सुलह और 'मोहब्बत' के सार्वजनिक संदेश भी सामने आए, लेकिन राजनीतिक तल्खियां पूरी तरह कभी खत्म नहीं हुई। छह वर्षों में राजस्थान की राजनीति ने इस रिश्ते के कई रंग देखे हैं। पेश है गहलोत पायलट के बीच चली जुबानी जंग, सियासी संघर्ष और बदलते समीकरणों की पूरी कालक्रमिक दास्तान।

कैमरों के सामने इकरार, अब बयानों में तकरार: 'फोटो ले लो… फिर कहोगे बनती नहीं है'

करीब डेढ़ माह पहले 22 अप्रेल को नई दिल्ली में कांग्रेस की ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में दोनों नेता भाग लेने पहुंचे थे। कैमरों की फ्लैश चमकते देख गहलोत ने मजाकिया अंदाज में पत्रकारों से कहा, 'फोटो ले लो… फिर कहोगे बनती नहीं है।' पायलट भी इस बात पर मुस्कुरा उठे थे।

जुलाई 2020: बगावत और पहला तूफान

कथित तौर पर पायलट ने विधायकों समेत बगावत की, हरियाणा के मानेसर रिसॉर्ट में डेरा डाला। कांग्रेस ने उन्हें उपमुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया। गहलोत ने तब पायलट पर सार्वजनिक रूप से हमला बोलते हुए उन्हें 'नाकारा' और 'निकम्मा' कहा। ये भी जोड़ा कि अंग्रेजी बोलकर टीवी एंकरों को प्रभावित करने वाले चेहरे के पीछे एक चालाक व्यक्तित्व छिपा है। पायलट ने तब जवाब में केवल एक ट्वीट किया, 'सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं।' गहलोत पर सीधा एक भी शब्द नहीं बोले।

नवंबर 2022: 'गद्दार' वाला वार

भारत जोड़ो यात्रा के राजस्थान प्रवेश से ठीक पहले गहलोत ने पायलट को 'गद्दार' करार देते हुए कहा, 'एक गद्दार मुख्यमंत्री नहीं हो सकता। जिसने विद्रोह किया, पार्टी को धोखा दिया।' साथ ही भाजपा से 10 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप भी जड़ा। पायलट इस बार थोड़े मुखर हुए। उन्होंने कहा कि गद्दार और निकम्मा वाला बयान सही नहीं है, लेकिन अगले ही पल नरम पड़ते हुए बोले, 'मुख्यमंत्री जी मेरे लिए पितातुल्य हैं, मैं उनकी बातों को अन्यथा नहीं लेता।' राहुल गांधी ने दोनों को 'पार्टी की संपत्ति' बताकर मामला शांत कराया।

अगस्त 2020: वापसी, पर सवाल बाकी

हाईकमान की मध्यस्थता से पायलट की घर वापसी हुई। पायलट ने दोहराया, 'मैं भाजपा में नहीं जा रहा। कुछ नेता मेरी छवि बिगाड़ने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं।' गहलोत खेमे पर इशारा साफ था, नाम नहीं लिया।

सितंबर 2022: 25 सितंबर का वह घटनाक्रम

जब गहलोत के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ में होने की चर्चा चली और पायलट का नाम मुख्यमंत्री के रूप में उछला, तो 82 विधायकों ने इस्तीफे की धमकी दे दी। पर्यवेक्षकों के सामने बैठक नहीं हो पाई। गहलोत को बाद में सोनिया गांधी से माफी मांगनी पड़ी। इस पूरे प्रकरण पर पायलट मौन रहे।

अप्रेल 2026: 'दोनों टांगें कांग्रेस में'

भाजपा प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने पायलट पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी 'एक टांग कांग्रेस में, दूसरी कहीं और है।' गहलोत ने पलटवार किया, 'पायलट की दोनों टांगें कांग्रेस में हैं और रहेंगी। पायलट ने पहले भूल की थी, अब समझ भी गए हैं और संभल भी गए हैं।' इस पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने चुटकी ली, 'गहलोत साहब ने सिर्फ टांगों की बात की, पूरे सचिन पायलट की नहीं। वे आज भी उन्हें नासमझ बच्चा समझते हैं।'

मदन राठौड़ बोले… गहलोत सुर्खियों में बने रहने के लिए कर रहे हैं बयानबाजी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि अशोक गहलोत केवल सुर्खियों में बने रहने और कांग्रेस नेतृत्व के सामने स्वयं को सक्रिय दिखाने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर बढ़ती अंतर्कलह के कारण उसके नेता अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने के लिए भाजपा सरकार पर आरोप लगाने का प्रयास कर रहे हैं।

Updated on:
08 Jun 2026 08:24 am
Published on:
08 Jun 2026 08:20 am