जयपुर

राजस्थान में अगले महीने से शुरू होगी शिक्षकों की भर्ती, शिक्षा विभाग में 1.19 लाख पद खाली, टीचरों की सबसे ज्यादा कमी

राजस्थान के शिक्षा विभाग में कार्मिकों की भारी कमी उजागर हुई है। 4.10 लाख स्वीकृत पदों में से 1.19 लाख रिक्त हैं। सबसे अधिक 41,851 पद वरिष्ठ अध्यापकों के खाली हैं।
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Updated: 11 Nov 2025, 2:19 PM IST
Rajasthan education department
शिक्षा विभाग में 1.19 लाख पद खाली (पत्रिका फाइल फोटो)

जयपुर: राज्य के शिक्षा विभाग में कार्मिकों की भारी कमी उजागर हुई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, विभाग में स्वीकृत 4,10,351 पदों में से केवल 2,91,075 पदों पर ही कार्मिक कार्यरत हैं, जबकि 1,19,276 पद रिक्त पड़े हैं। यह कमी न केवल शिक्षण कार्य बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को भी प्रभावित कर रही है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, सरकार ने रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है। आगामी महीनों में वरिष्ठ अध्यापक, प्राध्यापक और प्रयोगशाला सहायकों सहित कई श्रेणियों के पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किए जा सकते हैं।

अध्यापक वर्ग में सबसे ज्यादा कमी

शिक्षक वर्ग में सबसे बड़ी कमी वरिष्ठ अध्यापक पदों में है। कुल 1,09,873 स्वीकृत पदों में से 68,022 कार्यरत हैं, जबकि 41,851 पद खाली हैं। वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक के 4,045 पदों में से 1,447 रिक्त हैं। इसी तरह, प्राथमिक विद्यालयों में पूर्व प्राथमिक शिक्षा अध्यापक के 2,020 पदों में 118 पद खाली हैं।

प्रधानाचार्य व प्रशासनिक पद भी प्रभावित

प्रधानाचार्य श्रेणी में भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं। 19,278 स्वीकृत पदों में से 12,971 पर ही अधिकारी कार्यरत हैं, यानी 6,307 पद रिक्त हैं। वहीं, उप प्रधानाचार्य (उच्च माध्यमिक) के 12,404 पदों में से 7,444 पद खाली हैं। प्राथमिक शिक्षा वर्ग के 57,194 पदों में से 16,828 पदों पर नियुक्ति नहीं हो सकी है।

तकनीकी व प्रशासनिक स्टॉफ की भी कमी

तकनीकी शिक्षा से जुड़े पदों की स्थिति भी चिंताजनक है। वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक के 1,182 पदों में से 944 रिक्त हैं, जबकि बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक के 9,857 में से 3,677 पद खाली हैं। प्रयोगशाला सहायक के 5,581 में से 1,472 पद रिक्त हैं।

प्रशासनिक अधिकारी वर्ग में भी कमी है। 1,103 स्वीकृत पदों में से 60 खाली, सहायक प्रशासनिक अधिकारी के 4,409 में से 1,738 रिक्त हैं। कनिष्ठ सहायक के 13,314 में से 6,323 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 29,631 में से 5,205 पद खाली हैं।

गुणवत्ता पर असर

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां शिक्षण की गुणवत्ता पर सीधा असर डाल रही हैं। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कई विद्यालय ऐसे हैं जहां एक ही शिक्षक सभी विषयों का कार्य देख रहा है। विशेषज्ञों ने सरकार से जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता लाई जा सके।

प्रदेश में रिक्त पद एक नजर में

श्रेणीस्वीकृत पदकार्यरतरिक्त
वरिष्ठ अध्यापक1,09,87368,02241,851
प्रधानाचार्य19,27812,9716,307
उप प्रधानाचार्य12,4047,4057,444
कंप्यूटर अनुदेशक11,0399,4444,621
प्रयोगशाला सहायक5,5814,1091,472
कनिष्ठ सहायक13,3146,9916,323
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी29,63124,5765,205
कुल4,10,3512,91,0751,19,276
Updated on:
11 Nov 2025, 2:19 PM IST
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