
बस्सी । निकाय चुनाव 2026 को लेकर बस्सी, चाकसू, जमवारामगढ़ और कानोता नगरपालिकाओं में सियासी हलचल तेज हो गई है। चेयरमैन पद और वार्डों के आरक्षण की लॉटरी के बाद चुनावी समीकरण बदल गए हैं। दावेदारों ने टिकट के लिए बड़े नेताओं से सम्पर्क साधना शुरू कर दिया है। वहीं भाजपा और कांग्रेस भी संभावित प्रत्याशियों के चयन को लेकर मंथन में जुट गई हैं।
बस्सी में चेयरमैन पद एससी महिला, जबकि जमवारामगढ़ और कानोता में एससी वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। चाकसू में पद अनारक्षित होने से यहां राजनीतिक सक्रियता अधिक बढ़ गई है। बस्सी में एससी महिला वर्ग की दावेदार आरक्षित वार्डों के साथ अनारक्षित वार्डों में भी संभावनाएं तलाश रही हैं।
इसी तरह जमवारामगढ़ और कानोता में एससी वर्ग के दावेदार भी नए विकल्प तलाश रहे हैं। टिकट की चाह रखने वाले दावेदार भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय, जिला एवं प्रदेश स्तर के नेताओं से सम्पर्क कर रहे हैं। दोनों दल मजबूत जनाधार और जीत की संभावना वाले चेहरों की तलाश में जुटे हैं। दावेदार अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के साथ राजनीतिक समीकरण साधने में लगे हैं।
जिन वार्डों में टिकट के दावेदार अधिक हैं, वहां कुछ नेता टिकट नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। ऐसे में कई वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन सकते हैं।
इधर, कांग्रेस ने भी चुनावी रणनीति को लेकर मंगलवार को बस्सी के कल्याण सागर लॉन में बैठक की। विधायक लक्ष्मण मीना ने कहा कि टिकट वितरण में जमीन से जुड़े, मेहनती और पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। धनबल या सिफारिश के आधार पर टिकट नहीं दिया जाएगा।
महिला दावेदार के सक्रिय और सक्षम होने को भी जरूरी बताया। बैठक में पीसीसी सदस्य गिर्राज सामोत्या, जिला परिषद सदस्य सुरेन्द्र सिंह बराला, पूर्व जिला प्रमुख बेनी प्रसाद कटारिया, विधानसभा प्रभारी मीनाक्षी सेठी, मंडल अध्यक्ष नवीन सिंह राठौड़ और नगर मंडल अध्यक्ष रामलाल खोलिया सहित वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फैक्ट फाइल
| नगरपालिका | चेयरमैन पद | मतदाता | वार्ड |
|---|---|---|---|
| बस्सी | एससी महिला | 20,409 | 35 |
| जमवारामगढ़ | एससी | 20,528 | 35 |
| कानोता | एससी | 9,210 | 20 |
| चाकसू | सामान्य | 28,064 | 35 |