जयपुर

Rajasthan Electricity : पड़ोसी राज्यों से राजस्थान में बिजली महंगी, उद्यमी परेशान, सवाल-निवेशक क्यों करेंगे निवेश?

Rajasthan Electricity : राजस्थान सरकार की ओर से उद्योगों पर लगाए गए विद्युत अधिभार से प्रदेश के उद्यमी परेशान हैं। बढ़े सरचार्ज से जीएसटी राहत भी बेअसर हो गया। उनका सवाल है कि पड़ोसी राज्यों में जब ​बिजली सस्ती है तो राजस्थान में निवेशक क्यों करेंगे निवेश?

2 min read
ऊर्जा सचिव से मिले औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि। फोटो पत्रिका

Rajasthan Electricity : राजस्थान सरकार की ओर से उद्योगों पर लगाए गए विद्युत अधिभार से प्रदेश के उद्यमी परेशान हैं। विभिन्न औद्योगिक संगठनों की ओर से प्रदेशभर में विरोध दर्ज कराया जा रहा है। इसी संदर्भ में जयपुर के प्रमुख औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रमुख सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा से मुलाकात की। इनमें वीकेआई के अध्यक्ष जगदीश सोमानी, फोर्टी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. अरुण अग्रवाल, राजस्थान स्टील चैंबर के अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, लघु उद्योग भारती वीकेआई इकाई के अध्यक्ष पुष्प कुमार स्वामी शामिल थे।

गौरतलब है कि सरकारी बिजली कंपनियों ने पिछले महीने उद्योगों के लिए विभिन्न अधिभार के माध्यम से ढाई रुपए प्रति यूनिट तक बिजली के दाम बढ़ा दिए थे। इसके विरोध में पिछले दिनों भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्यमियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल से मिलकर बिजली पर सरचार्ज का विरोध जताया था।

ये भी पढ़ें

राजस्थान में फ्री बिजली योजना में नया अपडेट, एक माह में 2 लाख ने कराया रजिस्ट्रेशन

तो राजस्थान में निवेश क्यों करेंगे निवेशक

वीकेआइ अध्यक्ष जगदीश सोमानी ने ऊर्जा सचिव को बताया कि अब राजस्थान में उद्योगों के लिए बिजली प्रति यूनिट 8.06 रुपए हो चुकी है। सरकार प्रदेश में राइजिंग राजस्थान के बाद प्रवासी सम्मेलन के माध्यम से औद्योगिक निवेश को बढ़ाना चाहती है, लेकिन जब हमारे पड़ोसी राज्यों की तुलना में राजस्थान में 2 से 3 रुपए यूनिट तक महंगी बिजली मिलेगी तो निवेशक राजस्थान में निवेश क्यों करेंगे।

अन्य राज्यों में बिजली की दरें। ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

बिजली सरचार्ज बढ़ाकर राहत किया खत्म

लघु उद्योग भारती वीकेआइ के अध्यक्ष पुष्पकुमार स्वामी का कहना है कि सरकार जीएसटी की दरों में कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत दी, लेकिन राजस्थान में बिजली सरचार्ज बढ़ाकर उस राहत को समाप्त कर दिया।

स्टील उद्योग पर ज्यादा असर

राजस्थान स्टील चैंबर के अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल का कहना है कि स्टील इंडस्ट्रीज के लिए बिजली रॉ मैटेरियल है, स्टील उद्योग की कुल लागत में 30 से 40 प्रतिशत बिजली पर खर्च होता है, यदि बिजली की लागत बढ़ती है तो स्टील उत्पादों की लागत भी बढ़ती है, जिसका भार उपभोक्ताओं पर आता है।

ये भी पढ़ें

Rajasthan : पारंपरिक रूढ़ियों को तोड़ बेटियों ने कायम की मिसाल, मां की अर्थी को दिया कंधा व मुखाग्नि

Published on:
20 Nov 2025 11:49 am
Also Read
View All

अगली खबर