
Rajasthan : केन्द्र सरकार द्वारा एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को बढ़ावा दिए जाने के कारण मक्का में एथेनॉल कंपनियों की डिमांड में भारी इजाफा हुआ है। लिहाजा मक्का के भावों में लगातार तेजी बनी हुई है। चीनी और पर्याप्त चावल उपलब्ध नहीं होने से एथेनॉल इंडस्ट्री बड़े पैमाने पर मक्का पर निर्भर हो गई है। यही वजह है कि मक्का की कीमतें करीब डेढ़ माह के दौरान 300 रुपए प्रति क्विंटल उछल गई हैं। जयपुर मंडी में गुरुवार को मक्का के थोक भाव 2825 रुपए प्रति किंटल पर पहुंच गए है। मंडी कारोबारी विजय माहेश्वरी ने बताया कि मक्का उत्पादक क्षेत्रों में मानसून की कमी के चलते खरीफ की मक्का के उत्पादन में कमी आई है। इसके अलावा मुर्गी पालन (पौल्ट्री फीड), पशु आहार और स्टार्च प्रोसेसिंग प्लांटों में मक्का की निरंतर डिमांड बनी हुई है।
वर्तमान में 80 फीसदी मक्का स्टॉक में जा रही है। बिहार की हरियाणा डिलीवरी मक्का के भाव फिलहाल ₹3150 प्रति किंटल के आस-पास चल रहे हैं। राजस्थान की चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा, कोटा एवं बारां आदि मंडियों में प्रतिदिन 5 लाख बोरी मक्का उतर रही है। कम आपूर्ति, हाजिर बाजार में सीमित आवक और पड़ौसी देशों जैसे नेपाल एवं बांग्लादेश को होने वाले निर्यात के चलते घरेलू बाजार में मक्का की कीमतें एमएसपी से भी ऊंची चल रही हैं।