जयपुर

बड़ा खुलासा: राजस्थान में पूर्व मंत्री, विधायक और नेता भी दौड़ा रहे Three Digit VIP नंबर की गाड़ियां, RC होगी निरस्त

Three-Digit VIP Number: परिवहन विभाग में सामने आए थ्री डिजिट वीआईपी नंबर फर्जीवाड़े में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। विभागीय जांच में पूर्व मंत्रियों, विधायकों और विभिन्न दलों के नेताओं के नाम सामने आए हैं। इनके पास ऐसे वीआईपी नंबरों वाले वाहन पाए गए हैं, जो कथित रूप से फर्जी तरीके से हासिल किए गए।

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Apr 02, 2026
Three-Digit VIP Number Scam in Rajasthan (Patrika File Photo)

Three-Digit VIP Number Scam in Rajasthan: जयपुर: राजस्थान परिवहन विभाग में वीआईपी नंबरों के आवंटन में हुए बड़े खेल ने अब सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। थ्री डिजिट (तीन अंकों) वाले वीआईपी नंबरों के फर्जीवाड़े की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सफेदपोशों के चेहरे बेनकाब हो रहे हैं।

विभाग की ताजा जांच में खुलासा हुआ है कि रसूख का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से नंबर हासिल करने वालों में पूर्व मंत्री, वर्तमान व पूर्व विधायक और कई दिग्गज नेता शामिल हैं।

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रसूख की आड़ में 'नंबर गेम'

परिवहन विभाग द्वारा तैयार की गई सूची में कई ऐसे नाम हैं, जो प्रदेश की राजनीति में बड़ा कद रखते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कई नेताओं के पास एक नहीं, बल्कि एक से अधिक ऐसी गाड़ियां हैं जिन पर थ्री-डिजिट वीआईपी नंबर लगे हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये नंबर तय प्रक्रिया और निर्धारित शुल्क को दरकिनार कर बैकडोर एंट्री के जरिए हासिल किए गए थे।

याद दिला दें कि राजस्थान पत्रिका ने पहले भी इस फर्जीवाड़े की ओर इशारा किया था, जब विभाग के सर्वर और मैन्युअल रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गई थीं। उस समय यह केवल एक तकनीकी चूक लग रही थी, लेकिन अब यह एक सुनियोजित घोटाले के रूप में सामने आया है।

निरस्त होंगी आरसी

जांच में दोषी पाए जाने वाले वाहनों पर विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों के अनुसार, जिन वाहनों के नंबर फर्जी पाए गए हैं, उनकी आरसी निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

संबंधित नेताओं और रसूखदारों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। विभागीय स्तर पर उन कर्मचारियों की भी पहचान की जा रही है, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर ये नंबर अलॉट किए।

क्या है पूरा मामला?

नियमों के मुताबिक, थ्री-डिजिट या खास वीआईपी नंबरों के लिए भारी-भरकम राशि और ऑनलाइन ऑक्शन की प्रक्रिया होती है। लेकिन इस फर्जीवाड़े में पुरानी सीरीज के बचे हुए नंबरों को मिलीभगत कर सिस्टम में गलत तरीके से दर्ज किया गया।

इनके पास मिले वीआईपी नंबर

  • अभिषेक चौधरीः RRB0010, RRE0010, RRL0011
  • बाबूलाल नागरः RJW7777
  • बीडी कल्ला: RNE0005, RRF0007
  • बंशीधर बाजियाः RJL0009
  • ब्रजेन्द्र ओला: RNL0005, RNH0001, RJN0001
  • हरिराम रणवां: RSB0007
  • महेश जोशी: RSS0001, RJL0006
  • मेघराज सिंहः RNO0009, RSS0009
  • मुकेश भाकरः RRZ0013, RRM0013
  • पुष्पेंद्र भारद्वाजः RPH0005, RPM7000
  • राजकुमार शर्मा: RJP0007, RSU0001
  • राजेंद्र यादवः RSY0005
  • राजेंद्र राठौड़: RRE0999, RJE0999
  • रविंद्र सिंह भाटी: RSB9090
  • संदीप यादवः RNV2222
  • शांति धारीवाल: RNC9999, RRR6666, RSC9999
  • सुभाष महरिया: RSM0001, RSG0001, RPM0001, RN00001, RSK0001
  • यूनुस खानः RRK9999

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Updated on:
02 Apr 2026 07:57 am
Published on:
02 Apr 2026 07:45 am
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