जयपुर

Rajasthan Politics : 10 हज़ार से भी ज़्यादा वोटों से बड़ी हार, फिर भी बुला रहे ‘धन्यवाद सभा’, जानें कौन पेश कर रहा है अनूठी नज़ीर?

Rajasthan Assembly Election Result 2023 : एक नेता ऐसा भी.... 10 हज़ार से भी ज़्यादा वोटों से बड़ी हार, फिर भी बुला रहे 'धन्यवाद सभा', नज़ीर पेश कर रहे पूर्व एमएलए राजेंद्र राठौड़
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Dec 18, 2023
rajasthan ex mla rajendra rathore dhanyawad sabha in taranagar churu

अक्सर आपने चुनाव जीतने के बाद नेताओं को वोटर्स का आभार जताने के लिए धन्यवाद रैली या सभा आयोजित करते देखा होगा, लेकिन चुनाव हारने के बाद भी इस तरह का आयोजन ज़ाहिर है चर्चा का विषय बनती है। कुछ ऐसी ही तस्वीर देखने को मिल रही है चूरू के तारानगर विधानसभा क्षेत्र में।

दरअसल, पूर्व एमएलए राजेंद्र राठौड़ ने इस क्षेत्र से हालिया विधानसभा चुनाव में हारने के बाद भी धन्यवाद सभा रखी है। तारानगर स्थित कृषि उपज मंडी में आज दोपहर बाद आयोजित हो रही सभा में शामिल होने के लिए राठौड़ ने बाकायदा ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को पहुंचने की अपील भी की है।

नज़ीर पेश कर रहे राठौड़
चुनाव हारने के बाद भी किसी नेता का धन्यवाद सभा का आयोजन करना हमेशा चर्चा का विषय रहता है। राजेंद्र राठौड़ भी ऐसी परिस्थिति में धन्यवाद सभा कर रहे हैं, जिसे एक नज़ीर के तौर पर देखा जा रहा है।

छोटी नहीं, बड़ी हार से हारे चुनाव
विधानसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनने के बावजूद राजेंद्र राठौड़ उन चुनिंदा प्रत्याशियों में से रहे जो चुनाव हार गए। उनकी अप्रत्याशित हार ने सभी को चौंका दिया। ख़ास बात ये भी थी कि राठौड़ की ये हार छोटी नहीं, बल्कि बड़ी हार साबित हुई। निकटतम प्रतिद्वंदी से हार का उनका मार्जिन 10 हज़ार से भी ज़्यादा का रहा।

कांग्रेस के नरेंद्र बुडानिया ने दी शिकस्त
तारानगर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र बुडानिया ने भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र राठौड़ को 10 हज़ार 345 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी है। बुडानिया को जहां 1 लाख 8 हज़ार 236 वोट मिले, वहीं राठौड़ को 97 हज़ार 891 वोट ही नसीब हुए।

सदन के अंदर-बाहर, संभाले रखा मोर्चा
राठौड़ राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष से लेकर विधायक और पूर्व सरकार में कैबिनेट मंत्री सहित अपने राजनीतिक करियर में कई महत्वपूर्ण पदों रह चुके हैं। सरकार के विपक्ष में रहते हुए उन्होंने सदन के अंदर और सदन के बाहर, दोनों ओर भाजपा पार्टी का मोर्चा संभाले रखा। चुनाव हारने के बावजूद भी वे पार्टी में प्रमुखता से वरिष्ठ नेता का अपना दायित्व निभा रहे हैं।

Published on:
18 Dec 2023 12:41 pm