
Government Officer Dr Madan Yadav Pic
जयपुर में कानून-व्यवस्था और सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के नारायण विहार थाना क्षेत्र में 18 सितंबर को शाम के समय एक सरकारी अधिकारी डॉ. मदन यादव पर कुछ अज्ञात बदमाशों ने लाठी-डंडों और सरियों से अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में अधिकारी को गंभीर चोटें आईं हैं। घटना के संबंध में थाना नारायण विहार में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत FIR संख्या 380/2026 दर्ज कर ली गई है, लेकिन वारदात के कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में गहरी असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, घटना 18 सितंबर की रात करीब 8 बजे की है। डॉ. मदन यादव अपने घर के बाहर सामान्य रूप से टहल रहे थे, तभी वहां दो मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ संदिग्ध व्यक्ति पहुंचे। शिकायत में बताया गया है कि उन हमलावरों के हाथों में लोहे के सरिए और डंडे थे। बिना किसी पूर्व विवाद या चेतावनी के उन्होंने अचानक डॉ. यादव पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले की जांच उपनिरीक्षक धर्मेंद्र को सौंपी गई है, लेकिन शुरुआती सुराग हाथ न लगने के कारण हमलावर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
दिनदहाड़े या रात के वक्त एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी पर इस तरह के हमले से प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है। डॉ. मदन यादव ने इस गंभीर घटना को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव (CS) और पुलिस महानिदेशक (DGP) को अलग-अलग पत्र प्रेषित किए हैं। उन्होंने अपने पत्रों में मामले में तत्काल उच्च स्तरीय हस्तक्षेप, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निगरानी, हमलावरों की शीघ्र पहचान व गिरफ्तारी तथा उनके पूरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच कराने का आग्रह किया है। पूर्व सीएम ने कहा कि राजधानी में इस प्रकार अधिकारियों पर हमले होना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है, इसलिए सरकार को इसमें तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए।
डॉ. मदन यादव का कहना है कि जब तक हमलावरों की विधिवत पहचान कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है। मामले में निम्नलिखित बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है:
हमलावरों की तत्काल पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए।
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच तेजी से हो।
वारदात में प्रयुक्त वाहनों और हथियारों का सुराग लगाया जाए।
मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की देखरेख में निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़े।
पीड़ित अधिकारी डॉ. मदन यादव और उनके परिवार को तुरंत पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
राजधानी की पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी के सामने अब यह एक बड़ी चुनौती बन गया है कि वे जल्द से जल्द इन अज्ञात हमलावरों को बेनकाब करें ताकि प्रशासनिक अधिकारियों का मनोबल बना रहे और आम जनता के बीच कानून का इकबाल कायम हो सके।
Updated on:
28 Sept 2026 02:59 pm
Published on:
28 Sept 2026 02:54 pm
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