Rajasthan LPG Crisis: राजस्थान के 1 करोड़ 65 लाख एलपीजी उपभोक्ताओं के सामने आगामी दिनों में गैस संकट खड़ा होने की आशंका है। जयपुर समेत विभिन्न जिलों के 10 बॉटलिंग प्लांट्स में अब घरेलू गैस का केवल 2 से 3 दिन का ही स्टॉक बचा है।
Rajasthan LPG Crisis: राजस्थान के 1 करोड़ 65 लाख एलपीजी उपभोक्ताओं के सामने आगामी दिनों में गैस संकट खड़ा होने की आशंका है। जयपुर समेत विभिन्न जिलों के 10 बॉटलिंग प्लांट्स में अब घरेलू गैस का केवल 2 से 3 दिन का ही स्टॉक बचा है। दूसरी तरफ गैस कंपनियों ने इस संकट पर चुप्पी साध ली है।
रविवार को अवकाश के कारण बॉटलिंग प्लांट्स और गैस एजेंसियां बंद रहीं। वितरकों ने दबी जुबां में कहा कि सोमवार को ही पता चलेगा कि मांग के अनुरूप कितनी सप्लाई मिलती है। फिलहाल 25 दिन बाद की सिलेंडर बुकिंग का अंबार लगा हुआ है और संशय बना हुआ है कि उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल पाएगा या नहीं।
जयपुर शहर के वितरकों का कहना है कि केन्द्र सरकार और गैस कंपनियों ने सिलेंडर बुकिंग में 25 दिन का नियम लागू कर रखा है। बॉटलिंग प्लांट्स पर सामान्यतः दो से तीन दिन का ही स्टॉक रहता है, जबकि वितरकों के पास केवल एक दिन का।
नियमित आपूर्ति के चलते अधिक स्टॉक रखने की जरूरत नहीं होती थी। लेकिन मौजूदा संकट ने चिंता बढ़ा दी है कि सोमवार से शुरू हो रहे सप्ताह में गैस की कमी से कैसे निपटा जाएगा।
यह संकट केवल रसोई तक सीमित नहीं रहेगा। शहर के परिवहन पर भी असर पड़ सकता है। जयपुर में दो से तीन हजार एलपीजी ऑटो चलते हैं। इसके अलावा एलपीजी से चलने वाली कारें और वैन भी प्रभावित होंगी। इनमें से कई स्कूलों में लगी हैं, जिससे परीक्षाओं के दौर में छात्रों को परेशानी हो सकती है।
बॉटलिंग प्लांट्स पर दो से तीन दिन का और वितरकों के पास एक दिन का ही स्टॉक है। पहले कभी ऐसा संकट नहीं आया, इसलिए स्टॉक सीमा बढ़ाने की जरूरत नहीं समझी गई। अब सोमवार को ही साफ होगा कि प्लांट्स पर कितना स्टॉक है और बुकिंग के अनुसार सप्लाई मिल पाएगी या नहीं।
-दीपक सिंह गहलोत, अध्यक्ष, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ राजस्थान