
Rajasthan Fake seed scam case : जयपुर। नकली बीज घोटाला मामले को लेकर मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के दफ्तर पहुंचे। एसीबी के डीजी से मिलने के बाद किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया से बातचीत की। मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि नकली बीज घूस कांड में एसीबी ने जो प्रभावी कार्रवाई की है, उसके लिए वे धन्यवाद देते हैं। लेकिन विपक्ष द्वारा, विशेषकर कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासरा और अशोक गहलोत द्वारा उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि जो व्यक्ति उनकी रेकी करता था या इनपुट देता था, उसने गड़बड़ की। जिसे रंगे हाथों पकड़वा दिया।
किरोड़ीलाल मीणा कहा कि एक अखबार (पत्रिका नहीं) में खबर छपी थी कि इस प्रकरण में डॉक्टर भी और मंत्री भी शामिल हैं। चूंकि वे खुद डॉक्टर भी हैं और मंत्री भी हैं, इसलिए जनता में भ्रम और संशय पैदा हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अखबार को तो एक प्रभावशाली आदमी ने बताया, जिसका नाम वे अभी सार्वजनिक नहीं करना चाहते।
उन्होंने बताया कि 9 जून 2026 को दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर एसीबी की वेबसाइट पर एफआईआर अपलोड की गई थी, जबकि एफआईआर के दर्ज होने से पहले तथ्य सामने आ गए। उन्होंने कहा कि एसीबी ये पूछने के लिए आया हूं कि आपने एफआईआर दर्ज कराई है उसका 8 तारीख को मजमून कैसे वायरल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि एसीबी के इतिहास में आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ। इसके बाद 8 जून 2026 को बैक डेट में एसीबी ने वास्तव में एफआईआर दर्ज की।
वे एसीबी ऑफिस यह पूछने आए हैं कि मजमून में जिस डॉक्टर और मंत्री का जिक्र है, वह कौन है? उन्होंने कहा कि अगर मैं हूं, तो मेरे को गिरफ्तार कर लें, क्योंकि कुछ दिन बाद यह बात चलेगी कि सत्ताधारी थे इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर वे दोषी नहीं हैं तो राज्य की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट की जाए कि वह डॉक्टर और मंत्री कौन था।
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है कि एसीबी किसी के दबाव में काम कर रही है और उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रही है। इस मामले में एसीबी ने एक पॉलिटिकल वेपन की तरह कार्रवाई की है। उन्होंने एसीबी से कहा कि वे ऐसे मामलों में अपनी लक्ष्मण रेखा पार न करें।