जयपुर

Food Security Scheme : राजस्थान में खाद्य विभाग का नया आदेश, कमीशन भुगतान की 20 साल पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदला

Food Security Scheme : राजस्थान खाद्य विभाग के नए आदेश ने विवाद खड़ा कर दिया है। कमीशन भुगतान की 20 साल पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।

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फाइल फोटो पत्रिका

Food Security Scheme : खाद्य विभाग मुख्यालय से आए दिन जारी हो रहे नए नए आदेशों से खाद्य सुरक्षा योजना में गेहूं परिवहनकर्ता और 27 हजार राशन डीलर्स आमने-सामने होने की स्थिति सामने आ रही है। अब मुख्यालय का एक नया आदेश सामने आया है। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश में गेहूं परिवहनकर्ताओं और वितरण करने वाले राशन डीलर्स के कमीशन के भुगतान की 20 साल पुरानी व्यवस्था के बदला गया है। जहां पहले गेहूं परिवहन और वितरण के लिए भुगतान जिला रसद अधिकारी के स्तर पर होता था, वहीं अब यह भुगतान केन्द्रीयकृत व्यवस्था के तहत मुख्यालय से होगा।

ऐसे में अब एक तरह से जिला रसद अधिकारी के आहरण-वितरण अधिकार ही समाप्त कर दिया गया है। कुछ जिला रसद अधिकारियों ने तो यह भी कहा है कि बिना वित्त विभाग की अनुमति के भुगतान व्यवस्था में किसी भी तरह का बदलाव किया ही नहीं जा सकता। ऐसे में जिला रसद अधिकारी भी नई व्यवस्था के पक्ष में नहीं हैं।

अधिकारियों के अनुसार बताया कि गेहूं परिवहन का टेंडर जिला रसद अधिकारी के स्तर पर होता है तो उसे सभी शर्तें पता होती हैं और वह भुगतान के समय परिवहन के दौरान रही कमियों के हिसाब से भुगतान में कटौती करता है।

जिला रसद अधिकारी की भूमिका लगभग शून्य

राशन डीलर्स के कमीशन भुगतान में भी यही व्यवस्था है। ऐसे में अब उसके पास आहरण-वितरण की शक्तियां नहीं होने से परिवहनकर्ता और राशन डीलर्स को भुगतान के लिए 100 से 500 किलोमीटर दूर मुख्यालय के चक्कर लगाने होंगे वहीं अब जिले में जिला रसद अधिकारी की भूमिका भी लगभग शून्य हो गई है।

नई व्यवस्था यात्रा व्यय, समय और परेशानी का सबब

इस नई व्यवस्था से छोटे-छोटे परिवहनकर्ता और डीलर्स के लिए यह यात्रा व्यय, समय और परेशानी का सबब बन गई है। पहले जिला कार्यालय में ही सारी प्रक्रिया पूरी हो जाती थी, जिससे पारदर्शिता बनी रहती थी और शिकायतों का तुरंत निपटारा हो जाता था।

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का प्रयास

खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं का उचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव किया गया है। बताया जा रहा कि केंद्रीकृत भुगतान से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का प्रयास है, लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उच्च स्तर पर विरोध दर्ज कराने की तैयारी

राशन डीलर्स संघ और परिवहनकर्ता संगठन इस मुद्दे को लेकर शीघ्र ही उच्च स्तर पर विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। यदि यह विवाद नहीं सुलझा तो खाद्य सुरक्षा योजना के सुचारु संचालन पर असर पड़ सकता है और अंत में गरीब उपभोक्ताओं को ही परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

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Updated on:
06 Apr 2026 07:19 am
Published on:
06 Apr 2026 07:11 am
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