जयपुर

30 March: राजस्थान स्थापना दिवस आज, पर BJP मौन! सिर्फ कांग्रेसी ही दे रहे बधाई, क्या जानते हैं दिलचस्प वजह?

आज 30 मार्च है और सोशल मीडिया पर राजस्थान स्थापना दिवस की बधाइयों का तांता लगा हुआ है। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अशोक गहलोत जैसे कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दे रहे हैं। लेकिन अगर आप भाजपा के आधिकारिक हैंडल या मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सोशल मीडिया प्रोफाइल को देखेंगे, तो वहां आज सन्नाटा है।

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Mar 30, 2026

राजस्थान के इतिहास में आज का दिन यानी 30 मार्च बेहद खास है। 1949 में आज ही के दिन रियासतों के विलय के बाद 'वृहत्तर राजस्थान' अस्तित्व में आया था। लेकिन 2026 में राजस्थान दिवस को लेकर प्रदेश दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। एक तरफ कांग्रेस और विपक्ष है जो आज (30 मार्च) को स्थापना दिवस मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी भाजपा है जिसने यह उत्सव 11 दिन पहले यानी 19 मार्च को ही मना लिया है।

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30 मार्च बनाम 19 मार्च: क्यों पैदा हुआ ये भ्रम?

दरअसल, यह पूरा मामला कैलेंडर के चुनाव का है।

  • कांग्रेस का पक्ष (तारीख): कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल 30 मार्च 1949 की ऐतिहासिक तारीख को ही आधार मानते हैं। उनके लिए ग्रेगोरियन कैलेंडर (अंग्रेजी कैलेंडर) की यह स्थिर तारीख ही राजस्थान की पहचान है।
  • भाजपा का पक्ष (तिथि): भजनलाल सरकार ने 2025 में एक नीतिगत फैसला लिया कि राजस्थान दिवस अब अंग्रेजी तारीख के बजाय हिंदू पंचांग के अनुसार मनाया जाएगा। तर्क यह है कि जिस दिन राजस्थान बना था, उस दिन हिंदू कैलेंडर के अनुसार 'चैत्र शुक्ल प्रतिपदा' (नव संवत्सर) थी।

19 मार्च को ही क्यों मना लिया गया राजस्थान दिवस?

हिंदू पंचांग के अनुसार तिथियां हर साल बदलती हैं।

  • वर्ष 2026 में 'चैत्र शुक्ल प्रतिपदा' यानी हिंदू नव वर्ष 19 मार्च को था।
  • इसी वजह से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 19 मार्च को ही अपना शुभकामना संदेश और वीडियो जारी कर दिया था। सरकार के लिए आधिकारिक 'राजस्थान दिवस' 19 मार्च को संपन्न हो चुका है।

राहुल गांधी, खरगे और गहलोत के संदेश: आज क्या कहा?

आज सुबह से ही कांग्रेस के बड़े नेताओं ने सोशल मीडिया पर मोर्चा संभाल लिया है:

राहुल गांधी: "विविध कला और गौरवशाली इतिहास से परिपूर्ण राजस्थान भारत की अमूल्य धरोहर है।"

मल्लिकार्जुन खरगे: "रणबाँकुरों की यह धरती भारत की प्रगति में अमूल्य योगदान देती रहेगी।"

अशोक गहलोत: पूर्व मुख्यमंत्री ने आज के दिन को वीरता और पराक्रम का प्रतीक बताते हुए सामाजिक सुरक्षा और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील की।

'विकसित राजस्थान 2047' बनाम 'ऐतिहासिक विरासत'

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने 19 मार्च के संदेश में 'विकसित राजस्थान 2047' के संकल्प पर जोर दिया था। उन्होंने आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ परंपराओं को सहेजने की बात कही। वहीं, कांग्रेस नेताओं के संदेशों में 'इतिहास' और 'विरासत' के साथ-साथ वर्तमान सामाजिक सुरक्षा और भाईचारे पर अधिक फोकस दिखा।

क्या ऐतिहासिक तथ्यों के साथ हो रही है छेड़छाड़?

इस बदलाव पर राजस्थान में एक नई बहस छिड़ गई है:

  • विरोधियों का तर्क: इतिहासकारों और विपक्षी नेताओं का कहना है कि 30 मार्च एक वैश्विक मान्यता प्राप्त ऐतिहासिक तारीख है। इसे बदलने से आने वाली पीढ़ियों के मन में राजस्थान के गठन को लेकर भ्रम पैदा होगा।
  • समर्थकों का तर्क: भाजपा और सांस्कृतिक संगठनों का मानना है कि भारतीय परंपराओं को अंग्रेजी कैलेंडर के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से राजस्थान का जुड़ाव अधिक गहरा और सांस्कृतिक है।

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Updated on:
30 Mar 2026 11:33 am
Published on:
30 Mar 2026 11:04 am
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