जयपुर

राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: एफएसएल निदेशक सहित चार अधिकारी एपीओ, गृह विभाग ने जारी किए आदेश

राज्य सरकार ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के निदेशक डॉ. अजय शर्मा सहित चार अधिकारियों को पदस्थापन की प्रतीक्षा में (एपीओ) कर दिया है। क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला भरतपुर में अतिरिक्त निदेशक डॉ. आर के मिश्रा को निदेशक का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।
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Apr 13, 2026
CM Bhajanlal
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा निर्णय लेते हुए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से जुड़े चार अधिकारियों को एपीओ कर दिया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार एफएसएल के निदेशक डॉ. अजय शर्मा सहित कुल चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा गया है। इस कार्रवाई के बाद विभागीय हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

आदेश के मुताबिक, एफएसएल जयपुर में कार्यरत निदेशक डॉ. अजय शर्मा, सिरोलॉजी डीएनए विभाग के सहायक निदेशक डॉ. आनन्द कुमार, सिरोलॉजी अनुभाग के सीनियर साइंटिफिक साइंटिस्ट डॉ. रामकिशन कुमावत तथा सिरोलॉजी डीएनए में सहायक निदेशक डॉ. भावना पूनिया को एपीओ किया गया है। इन सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।

इन अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी

इसी के साथ विभागीय कार्यों को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला भरतपुर में तैनात अतिरिक्त निदेशक डॉ. आर.के. मिश्रा को एफएसएल निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रयोगशाला के कामकाज पर किसी प्रकार का असर न पड़े।

इनको भी मिला अतिरिक्त प्रभार

इसके अलावा अन्य पदों पर भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश के अनुसार सिरम खंड में कार्यरत वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी हरिनारायण को जयपुर में सहायक निदेशक (सिरोलॉजी डीएनए) का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। वहीं जैविक मुख्य प्रयोगशाला के सहायक निदेशक डॉ. बैजू माथुर को जयपुर में सीनियर साइंटिफिक साइंटिस्ट का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है। इसके साथ ही अजमेर स्थित सिरोलॉजी अनुभाग के सहायक निदेशक बलवंत खज्जा को जयपुर में सिरोलॉजी डीएनए के सहायक निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

बड़े बदलाव के संकेत

गृह विभाग के इस फैसले को प्रशासनिक पुनर्संरचना के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इन अधिकारियों को एपीओ किए जाने के कारणों का स्पष्ट उल्लेख आदेश में नहीं किया गया है, लेकिन इस कदम से विभागीय गतिविधियों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल सभी अधिकारी नए आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।

Updated on:
13 Apr 2026 10:25 pm
Published on:
13 Apr 2026 10:25 pm