Rajasthan fuel supply: राजस्थान में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच अधिकारियों ने स्थिति सामान्य बताई है।
Rajasthan Fuel Supply: पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-इजराइल-अमरीकी संघर्ष का असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। राजस्थान में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि इसके विपरीत तेल उद्योग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि राज्य में फिलहाल ईंधन को लेकर इतनी समस्या नहीं है,
अधिकारियों के अनुसार तेल कंपनियां लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं , ईंधन की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। राज्य के सभी प्रमुख डिपो और पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है।
तेल उद्योग के राज्य स्तरीय समन्वयक और कार्यकारी निदेशक मनोज गुप्ता ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई प्रभावित नहीं हुई है। हाल के महीनों में ईंधन की मांग में बढ़ोतरी जरूर दर्ज की गई है। इसके बावजूद तेल कंपनियों ने आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा है और राज्यभर में स्थित डिपो के माध्यम से लगातार ईंधन की आपूर्ति की जा रही है।
डाटा के अनुसार देखे तो मार्च 2026 में डीजल की खपत में लगभग 21.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि अप्रेल 2025 से फरवरी 2026 के बीच यह वृद्धि करीब 3.9 प्रतिशत रही थी। इसी के साथ ऑटो एलपीजी की खपत में भी तेजी आई है। वर्ष 2026 में इसकी खपत बढ़कर 607 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, जो करीब 363 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
राजस्थान में तेल की सप्लाई करने के लिए तेल कंपनियों के 12 सप्लाई डिपो काम कर रहे हैं। इन डिपो से राज्य के अलग- अलग जिलों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की जाती है।
अधिकारियों के अनुसार सभी डिपो में ऑयल पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और तेल कंपनियां राज्य सरकार के साथ मिलकर रियल-टाइम डेटा पर नजर बनाए रख रही है, जिसके आधार पर मांग और सप्लाई को संभाला जा रहा हैं।
राज्य के हवाई अड्डों पर इस्तेमाल होने वाले 'एविएशन टरबाइन फ्यूल' की उपलब्धता भी फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया की राज्य में हवाई ईंधन के लिए लगभग 30 दिन का स्टॉक अब भी मौजूद है और आगे के लिए भी नियमित रूप से इसकी आपूर्ति जारी है।
घरेलू एलपीजी की सप्लाई भी सामान्य बनी हुई है। गुप्ता ने बताया कि राजस्थान में 13 बॉटलिंग प्लांट, 1376 वितरक और 11 हजार से ज्यादा डिलीवरी कर्मियों का नेटवर्क काम कर रहा है। इस नेटवर्क के जरिए राज्य के करीब 1.85 करोड़ उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचाए जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक हाल में मांग बढ़ने और कुछ जगहों पर घबराहट में बुकिंग बढ़ने के बावजूद गैस की सप्लाई नियमित रूप से जारी है। फिलहाल औसत बैकलॉग लगभग चार दिन का बताया गया है।
राज्य में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। छोटे व्यापारियों और प्रवासी कामगारों को 5 किलो के फ्री-ट्रेड एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना लागू की जा रही है। गैस की समस्या से झुंझ रहे प्रवासी लोगों को अब बिना ज्यादा डॉक्यूमेंटेशन के 5 किलो तक का सिलेंडर अपनी नजदीकी एजेंसी से मिल जाएगा।