Crop Damage : राज्य सरकार ने 20 जिलों के कुल 5897 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है, जिससे प्रभावित किसानों को मदद मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने में सहायता हो सके। इसके बाद सरकार ने और भी गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है।
जयपुर। राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए एक अहम कदम उठाया है। ओलावृष्टि के कारण खरीफ फसलों में 33 प्रतिशत से अधिक खराबा होने के बाद, इन प्रभावित गांवों के किसानों को कृषि-आदान अनुदान वितरण किया जाएगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा मानसून 2024 में बाढ़ और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के बाद लिया गया। राज्य सरकार ने 20 जिलों के कुल 5897 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है, जिससे प्रभावित किसानों को मदद मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने में सहायता हो सके। इसके बाद सरकार ने और भी गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है।
राजस्थान सरकार ने एक आदेश जारी कर खरीफ फसलों में ओलावृष्टि से 33 फीसदी से अधिक खराबा होने के कारण प्रभावित कृषकों को कृषि-आदान अनुदान वितरण करने के लिए हनुमानगढ़ जिले के 9 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है।
आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव भगवंत सिंह ने बताया कि राजस्थान एफेक्टेड एरियाज(सस्पेंशन ऑफ़ प्रोसिडिंग्स) एक्ट 1952 के तहत जिला कलक्टर हनुमानगढ़ द्वारा खरीफ फसल सम्वत-2081(वर्ष-2024) में हुई ओलावृष्टि से खरीफ फसलों में खराबे की गिरदावर रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने हनुमानगढ़ की संगरिया तहसील के 9 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संवेदनशील निर्णय लेते हुए खरीफ सीजन में बाढ़ एवं ओलावृष्टि से प्रभावित 21 जिलों के किसानों को एसडीआरएफ से कृषि आदान अनुदान वितरण करने की मंजूरी दी है। इसके लिए 20 जिलों के 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल खराबे वाले 5897 गांव अभावग्रस्त घोषित किए गए हैं। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील निर्णय से प्रभावित किसानों को बड़ा संबल मिलेगा। इस निर्णय के उपरान्त अब आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग द्वारा इस बारे में अधिसूचना जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मानसून वर्ष 2024 (संवत् 2081) में बाढ़ और ओलावृष्टि से खरीफ फसलों के खराबे के आकलन के लिए गिरदावरी के निर्देश दिए थे और जिला कलक्टरों से प्राप्त की नियमित गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
प्रदेश के बून्दी जिले के 486, नागौर जिले के 67, धौलपुर जिले के 58, झालावाड़ जिले के 61, सवाई माधोपुर के 2, बारां के 1, अजमेर के 592, भरतपुर के 418, कोटा के 345, टोंक के 865, बीकानेर के 45, बांसवाड़ा के 817, बालोतरा के 10, फलौदी के 207, पाली के 155, हनुमानगढ़ के 49, डीग के 258, जोधपुर के 262, ब्यावर के 626, भीलवाड़ा के 564 एवं हनुमानगढ़ जिले के 9 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया गया है। इन गांवों में खराबे से प्रभावित किसानों को एसडीआरएफ नॉम्र्स के अनुसार कृषि आदान अनुदान वितरण किया जाएगा। साथ ही, श्रीगंगानगर के 2 गांवों में 33 प्रतिशत से अधिक फसल खराबे वाले व्यक्तिगत कृषकों को कृषि आदान अनुदान भुगतान वितरण की अनुमति प्रदान की गई है।