राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न जगहों पर 250 नए चार्जिंग स्टेशन से स्थापित करने की तैयारी है। पहले चरण में जयपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और हाईवे पर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
जयपुर। राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को शहरी क्षेत्रों और हाईवे पर सस्ती चार्जिंग सुविधा बढ़ाने के लिए बड़ा प्लान तैयार किया गया है। पहले जयपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर समेत प्रमुख शहरों और स्टेट व नेशनल हाईवे पर 250 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे वाहन चालकों को सस्ती और आसान चार्जिंग सुविधा मिल सकेगी।
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम ने इस योजना का प्रस्ताव भारी उद्योग मंत्रालय को भेजा है। इस योजना के लिए करीब 80 करोड़ रुपए की सहायता की मांग की गई है। यह पूरा प्रोजेक्ट पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत लागू किया जाएगा।
बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या को देखते हुए राज्य में चार्जिंग स्टेशनों की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार शहरों के साथ-साथ हाईवे पर भी चार्जिंग नेटवर्क मजबूत करने जा रही है। इस योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए निजी कंपनियों से प्रस्ताव भी मांगे गए हैं। योजना के तहत चार्जिंग स्टेशनों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार अधिकतम 80 प्रतिशत तक सब्सिडी देगी। हालांकि चार्जर मशीन पर सब्सिडी नहीं मिलेगी।
अभी निजी कंपनियां ईवी चार्जिंग के लिए 18 से 24 रुपए प्रति यूनिट तक ले रही हैं। इस प्लान के तहत लगने वाले चार्जिंग स्टेशन से दर 13 से 15 रुपए प्रति यूनिट रहने का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, प्रस्ताव फाइनल होने और काम करने वाली कंपनी द्वारा तय किए जाने वाले रेट पर यह निर्भर करेगा।
अभी जरूरत के आधार पर चार्जिंग स्टेशन ही नहीं हैं। यदि वाहन को कम समय में चार्ज करना है तो लोगों को वाहन डीलर के शोरूम या फिर उसके सर्विस सेंटर पर ही जाना पड़ रहा है। इससे न केवल ज्यादा समय लग रहा है बल्कि ज्यादा वाहन होने के कारण कतार में भी खड़ा होना पड़ रहा है। आगामी वर्षों में ऐसे वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है।