जयपुर

Rajasthan New Scheme : राजस्थान सरकार की नई योजना, 10 निकाय जारी करेंगे म्युनिसिपल बॉन्ड, जानें क्या होगा फायदा

Rajasthan New Scheme : बड़ी खबर। राजस्थान में पहले 57 शहरों की क्रेडिट रेटिंग तैयार की जाएगी। फिर उनमें से सबसे अच्छे 10 निकाय म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करेंगे। जानें इसके क्या फायदे हैं।

2 min read
ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Rajasthan New Scheme : जयपुर. राजस्थान में शहरी विकास के लिए नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में फिर कवायद शुरू की जा रही है। राज्य सरकार 57 शहरों (नगर निगम, पालिका) की क्रेडिट रेटिंग तैयार कराएगी, जिसमें से आर्थिक रूप से सक्षम टॉप 10 निकाय म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करेंगे। इसके लिए सर्वे एजेंसी तय की जा रही है। सर्वे और वित्तीय आकलन के बाद यह तय होगा कि कौन-कौन से निकाय बॉन्ड जारी करने की स्थिति में हैं।

केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि जो शहरी निकाय आर्थिक रूप से सक्षम हैं या हो सकते हैं, उन्हें केवल सरकारी अनुदान पर निर्भर रहने की बजाय अपनी आय बढ़ाने के स्थायी संसाधन विकसित करने होंगे। इसी उद्देश्य से आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने राजस्थान को म्युनिसिपल बॉन्ड का मॉडल अपनाने का सुझाव दिया। हालांकि, जयपुर सहित कुछ शहरों में पहले भी प्रयास हो चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हो पाया था।

ये भी पढ़ें

Weather Update 12 May : राजस्थान में लू का रेड अलर्ट, देश में सबसे गर्म शहर रहा बाड़मेर, जानें अगले 5 दिन का मौसम

यह है म्युनिसिपल बॉन्ड

म्युनिसिपल बॉन्ड ऐसा वित्तीय माध्यम है, जिसके जरिए नगर निगम या नगर परिषद आम लोगों और निवेशकों से पैसा जुटाते हैं। बदले में तय समय तक ब्याज दिया जाता है।

यह है चुनौती

विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान में म्युनिसिपल बॉन्ड की सफलता निकायों की वित्तीय विश्वसनीयता पर निर्भर करेगी। यदि टैक्स वसूली मजबूत नहीं हुई और खातों में पारदर्शिता नहीं आई तो निवेशकों का भरोसा जीतना मुश्किल होगा। वहीं सरकार का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहा तो भविष्य में शहरी विकास परियोजनाओं के लिए निजी और जनभागीदारी निवेश का नया रास्ता खुलेगा।

देश के इन शहरों ने बॉन्ड से जुटाए पैसे

शहर-राशि (करोड़)
अमरावती- 2000
विशाखापत्तनम- 80
अहमदाबाद- 200
सूरत- 200
भोपाल- 175
इंदौर- 140
पुणे- 495
हैदराबाद- 200
लखनऊ- 200
गाजियाबाद- 150।

रेटिंग में इसका होगा आकलन

1- नगरपालिकाओं की नेटवर्थ पिछले तीन वित्तीय वर्षों में निगेटिव न रही हो।
2- पिछले एक साल में उन्होंने कोई लोन डिफाॅल्ट न किया हो।
3- पिछले वर्ष में बैंकों, वित्तीय कंपनियों के लोन के पुनर्भुगतान में लापरवाही न हो।
4- आय-व्यय के लेखों को लेकर पारदर्शी प्रक्रिया।
5- प्रॉपटी का एसेस्ट्स के रूप में कितना उपयोग हो रहा है।
6- कर्ज व घाटे की स्थिति का आकलन।
7- प्रोजेक्ट निर्धारित समय पर पूरा कर पा रहे हैं या नहीं।
8- नगरीय विकास कर या अन्य टैक्स समय पर वसूलना।
9- सालाना कमाई बढ़ाने का पुख्ता प्लान।

दस निकायों के म्यूनिसिपल बॉन्ड कराएंगे जारी

शहरी निकायों की वित्तीय क्षमता मजबूत करने के लिए क्रेडिट रेटिंग के आधार पर दस निकायों के म्युनिसिपल बॉन्ड जारी कराएंगे। इसके लिए क्रेडिट प्रोफाइलिंग और आर्थिक मूल्यांकन कराया जा रहा है। केंद्र सरकार ने निकायों की स्थिति बेहतर करने के लिए निर्देश दिए हैं।
जुईकर प्रतीक चन्द्रशेखर, निदेशक, स्वायत्त शासन विभाग

ये भी पढ़ें

RGHS Update : राजस्थान में RGHS में बड़ा बदलाव संभव, चिकित्सा जगत और सरकारी कर्मचारियों-पेंशनर्स के बीच हलचल बढ़ी
Published on:
12 May 2026 09:55 am
Also Read
View All