
जयपुर। स्कूलों में सूर्य नमस्कार को लेकर अब राजस्थान सरकार के तेवर कुछ ढीले हो गए है। पिछले साल सरकारी स्कूलों में सूर्य नमस्कार अनिवार्य कर विवादों में आए प्रदेश के शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी और उनका विभाग अब इसे लेकर नरम पड़ गया है। राजस्थान के शिक्षा विभाग द्वारा इस बार सूर्य सप्तमी ( बुधवार, 24 जनवरी ) पर स्कूलों में सूर्य नमस्कार कराने के आदेश तो जारी किए गए है, लेकिन अब इसे बच्चों की इच्छा पर छोड़ दिया गया है और इसकी अनिवार्यता को हटा लिया गया है। अब बच्चे ही तय करेंगे कि उन्हें सूर्य नमस्कार करना है या नहीं। यही आदेश मदरसों के लिए जारी किए गए हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से सभी स्कूलों में सूर्य नमस्कार कराए जाने को लेकर आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, सभी स्कूलों में विद्यार्थियों की स्वेच्छानुसार सूर्य नमस्कार का करने की व्यवस्था की जाए। यानी जो बच्चे ऐसा करना चाहें सिर्फ उन्हीं से सूर्य नमस्कार कराया जाए।
गौरतलब है कि, राजस्थान सरकार ने सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में सुबह प्रार्थना के बाद दस मिनट तक बच्चों के द्वारा सूर्य नमस्कार और योग अनिवार्य करने के आदेश जारी किये थे। सूर्य नमस्कार की अनिवार्यता को लेकर राजस्थान में पिछले वर्षों में काफी विवाद हो चुके हैं। भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद सभी स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान सूर्य नमस्कार अनिवार्य किया था, लेकिन मुस्लिम समुदाय ने इस पर कड़ी आपत्ति की थी और इसे उनके धर्म के खिलाफ बताया था। यह मामला कोर्ट तक भी पहुंचा था। इसके बाद सरकार ने प्रार्थना सभा में सूर्य नमस्कार कराने की अनिवार्यता हटा ली थी। लेकिन सूर्य सप्तमी पर सूर्य नमस्कार कराया जा रहा है।
ऑल राजस्थान स्कूल टीचर्स यूनियन के अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल ने कहा कि यह फैसला तकनीकी रूप से सही नहीं है क्योंकि सूर्य नमस्कार सूर्योदय के समय होना चाहिए जबकि स्कूल सूर्योदय के बाद खुलते हैं और वह समय सूर्य नमस्कार के लिये आदर्श समय नहीं है।