जयपुर

Rajasthan SI Recruitment 2016 : राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, एसआई भर्ती में नए सिरे से तय होगी मेरिट

Rajasthan SI Recruitment 2016 Updates : राजस्थान पुलिस उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर भर्ती-2016 को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को पदों की श्रेणीवार नए सिरे से गणना करने के निर्देश दिए हैं। जानें पूरा मामला।
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Updated: 29 Oct 2026, 5:35 PM IST
rajasthan high court big order Merit will be decided afresh in SI recruitment 2016
Rajasthan : फाइल फोटो पत्रिका।

Rajasthan SI Recruitment 2016 Updates : राजस्थान पुलिस उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर भर्ती-2016 को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को पदों की श्रेणीवार नए सिरे से गणना करने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने श्याम सिंह व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि आरक्षण लागू करते समय 50 प्रतिशत की सीमा और एससी-एसटी की बैकलॉग रिक्तियों से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। हाईकोर्ट ने पूरी प्रक्रिया 180 दिनों के भीतर पूरी करने का आदेश दिया है।

आरपीएससी ने 5 अक्टूबर 2016 को एसआई भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसके बाद 5 दिसंबर 2018 और 23 अगस्त 2019 को संशोधन किए गए। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि गैर-अनुसूचित क्षेत्र के कुल 456 पदों में से सामान्य वर्ग के लिए केवल 142 पद निर्धारित किए गए, जिससे अनारक्षित श्रेणी के पदों का अनुपात 50 प्रतिशत से काफी कम रह गया। उनका यह भी कहना था कि विज्ञापनों में बैकलॉग रिक्तियों का स्पष्ट आधार नहीं दिया गया और ओबीसी की रिक्तियों को भी उचित कानूनी प्रावधान के बिना आगे के लिए समायोजित कर दिया गया।

राजस्थान सरकार और आरपीएससी ने वर्षवार रिक्तियों तथा अतिरिक्त शपथपत्र के जरिए पदों के निर्धारण को उचित ठहराने का प्रयास किया, लेकिन अदालत ने इसे पर्याप्त नहीं माना।

यह दिया आदेश

कोर्ट ने आरपीएससी और संबंधित विभाग को 5 अक्टूबर 2016 के विज्ञापन तथा शुद्धिपत्रों के आधार पर आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा और संबंधित नियमों के अनुसार 90 दिनों में पदों की दोबारा गणना करने के निर्देश दिए हैं। इसकी जानकारी कार्मिक विभाग (डीओपी) और आरपीएससी की वेबसाइट पर प्रकाशित करनी होगी। एक सितंबर 2020 को घोषित परिणाम के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों की स्थिति संशोधित मेरिट के अनुसार तय की जाएगी। नए रोस्टर और मेरिट के आधार पर कैडर आवंटन तथा वरिष्ठता सूची भी निर्धारित होगी।

सामान्य/अनारक्षित वर्ग के मेधावी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार को पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त पद सृजित करने की स्वतंत्रता दी गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पहले से नियुक्त किसी भी अभ्यर्थी को सेवा से नहीं हटाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया 180 दिनों में पूरी करनी होगी।

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29 Oct 2026, 5:35 PM IST
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