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करवा चौथ पर बादलों का पहरा, जानें आपके शहर में कब होगा चांद का दीदार

जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी इलाकों में मध्यम से तेज बारिश के साथ कहीं-कहीं ओले गिरने की आशंका है। ऐसे में कुछ शहरों में चंद्र दर्शन का इंतजार लंबा खिंच सकता है।
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जयपुर

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Savita Vyas

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Updated: 29 Oct 2026, 2:44 PM IST

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जयपुर। पति की लंबी उम्र की कामना के साथ दिनभर निर्जला व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाओं की निगाहें गुरुवार रात आसमान पर रहेंगी। लेकिन इस बार करवा चौथ के चांद पर मौसम की बेरुखी भारी पड़ सकती है। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' और पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान के कई जिलों में बादल छाने, बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 27 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी इलाकों में मध्यम से तेज बारिश के साथ कहीं-कहीं ओले गिरने की आशंका है। ऐसे में कुछ शहरों में चंद्र दर्शन का इंतजार लंबा खिंच सकता है।

धौलपुर में सबसे पहले, बाड़मेर में सबसे देर से दिखेगा चांद

करवा चौथ पर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में चंद्र दर्शन के समय में अंतर रहेगा। अनुमान के मुताबिक, धौलपुर में रात 8:14 बजे सबसे पहले चांद दिख सकता है। भरतपुर और डीग में 8:15 बजे, अलवर में 8:17 बजे और करौली में 8:19 बजे चंद्र दर्शन होने की संभावना है। सीकर में रात 8:22 बजे और जयपुर में 8:23 बजे चांद निकलने का अनुमान है। चूरू में 8:24 बजे, कोटा में 8:27 बजे, अजमेर में 8:29 बजे और बीकानेर में करीब 8:30 बजे चंद्र दर्शन हो सकते हैं। जोधपुर और पाली में रात 8:36 बजे, उदयपुर में 8:38 बजे, जबकि बाड़मेर में सबसे देर से 8:44 बजे चांद दिखने की संभावना है। ये अनुमानित समय हैं। बादल छाए रहने से वास्तविक दर्शन में देरी हो सकती है।

चंद्र दर्शन नहीं हो तो क्या करें सुहागिनें?

करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथों से जल ग्रहण करने के बाद व्रत खोलती हैं। यदि बादलों या बारिश के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देता, तो धार्मिक और ज्योतिषिय परंपराओं के अनुसार व्रत खोलने के तरीके को लेकर परिवार के बुजुर्गों या विद्वान से सलाह ली जा सकती है। कुछ परंपराओं में चंद्रमा के प्रतीकात्मक दर्शन या शिवजी के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा का ध्यान करने का विकल्प भी बताया जाता है।

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