जयपुर

राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर में बार कौंसिल चुनाव रद्द, अनियमितता के बाद चुनाव समित ने लिया फैसला

राजस्थान में बुधवार को आयोजित बार कौंसिल चुनाव के दौरान जयपुर उच्च न्यायालय के मतदान केंद्र पर अनियमितता सामने आई, जिसके चलते चुनाव समिति ने यहां का मतदान रद्द कर दिया।
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Apr 22, 2026
Rajasthan Bar Association Elections
सेशन कोर्ट में बार चुनाव के दौरान वकील (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। राजस्थान में बुधवार को आयोजित राजस्थान बार कौंसिल चुनाव के दौरान जयपुर स्थित उच्च न्यायालय के मतदान केंद्र पर सामने आई अनियमितताओं के चलते चुनाव समिति ने बड़ा फैसला लेते हुए यहां का मतदान रद्द कर दिया। इस निर्णय के बाद वकीलों और संबंधित पक्षों में निराशा और असंतोष का माहौल देखा गया।

जानकारी के अनुसार, राजस्थान उच्च न्यायालय परिसर में बनाए गए मतदान केंद्र पर चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई प्रकार की अव्यवस्थाएं सामने आईं। आरोप लगे कि मतदान केंद्र के भीतर अनुशासनहीनता का माहौल रहा और कुछ उम्मीदवारों द्वारा खुले तौर पर मतदाताओं से समर्थन मांगने जैसी गतिविधियां भी हुईं। इन घटनाओं ने चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

समिति नें क्यों चुनाव किया रद्द?

स्थिति को देखते हुए बार कौंसिल चुनाव समिति ने केवल जयपुर उच्च न्यायालय में हुए मतदान को निरस्त करने का निर्णय लिया। समिति का मानना है कि इस तरह की परिस्थितियों में निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं था, इसलिए मतदान रद्द करना ही उचित कदम है।

पूर्व न्यायाधीश ने जताई नाराजगी

इस घटनाक्रम पर पूर्व न्यायाधीश वी.एस. दवे ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और चुनाव रद्द किए जाने पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे "प्रक्रिया की बड़ी नाकामी" बताया। न्यायमूर्ति दवे ने कहा कि, "हम जैसे कई वरिष्ठ लोग लंबे समय तक लाइन में खड़े होकर मतदान करने पहुंचे, लेकिन बाद में पता चला कि चुनाव ही रद्द कर दिए गए। यह बेहद निराशाजनक है।"

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं वकीलों के लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। " इस प्रकार बार-बार चुनाव रद्द होते रहे, तो लोगों का पूरे तंत्र से भरोसा उठ जाएगा।"

दोबारा कब होगा मतदान?

उधर, चुनाव रद्द होने के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि जयपुर उच्च न्यायालय में दोबारा मतदान कब कराया जाएगा और इसके लिए क्या नई व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। वकीलों का कहना है कि अगली बार चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और व्यवस्थित बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

निष्पक्ष चुनाव की मांग

इस घटनाक्रम ने न केवल बार कौंसिल चुनाव की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाया है, बल्कि चुनाव प्रबंधन और निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है। एडवोकेट सुषमा पारीक ने भी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पुनः चुनाव कराने की मांग उठाई है।

Updated on:
22 Apr 2026 07:15 pm
Published on:
22 Apr 2026 03:53 pm