
Rajasthan State Animal Camel News: राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में ऊंटों की लगातार घटती संख्या को लेकर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। अदालत ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार 27 मार्च तक ऊंटों की संख्या और उनके संरक्षण के प्रयासों के बारे में स्पष्ट स्थिति पेश करे।
न्यायाधीश पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने ऊंटों की घटती संख्या को लेकर स्वप्रेरणा से दर्ज याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने यह भी कहा कि अदालती आदेश के बावजूद पैरवी के लिए महाधिवक्ता उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
सुनवाई के दौरान न्यायमित्र अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल ने बताया कि ऊंटों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। वर्ष 2004 में राजस्थान में करीब साढ़े सात लाख ऊंट थे। वर्ष 2015 में कानून बनने के समय यह संख्या घटकर 3.26 लाख रह गई। चार साल बाद यह और कम होकर करीब 2.13 लाख रह गई और वर्ष 2021 तक यह संख्या लगभग डेढ़ लाख रह गई।
अदालत को यह भी बताया गया कि ऊंटों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के कारण पशु मेलों में इनकी खरीद-फरोख्त बंद हो गई है। इसके कारण ऊंट पालकों की रुचि भी धीरे-धीरे कम हो रही है। साथ ही कानून के तहत कलक्टर को नोडल एजेंसी बनाए जाने से ऊंटों को बाहर चराने तक के लिए अनुमति लेना मुश्किल हो गया है।