15 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ईरान-इजरायल युद्ध का असर, 8 रुपए में भरपेट खाना देने वाली रसोई में गैस सिलेंडर नहीं मिली तो बंद हुए चूल्हे

Jaipur News: मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण गैस संकट का असर जयपुर की अन्नपूर्णा रसोई योजना पर पड़ा है। कई केंद्रों पर गैस सिलेंडर नहीं मिलने से चूल्हे बंद हो गए हैं।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Himesh Rana

Mar 15, 2026

lpg gas Cylinder

lpg gas Cylinder (Photo Source - Patrika)

Jaipur News: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब राजस्थान की राजधानी जयपुर तक पहुंच गया है। यहां गरीबों को आठ रुपए में भरपेट भोजन देने वाली अन्नपूर्णा रसोई के कई केंद्रों पर गैस सिलेंडर की कमी के कारण चूल्हे बंद हो गए हैं।

पहले जहां ताजा और गरमा-गरम खाना बनता था। वहीं, अब कई जगह भोजन बाहर से बनाकर भेजा जा रहा है। इस कारण जरूरतमंद लोगों को घंटों पुराना और ठंडा खाना परोसा जा रहा है। इससे खाने का स्वाद भी कम हो गया है और लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

इंदिरा रसोई से अन्नपूर्णा रसोई तक

राजस्थान में जरूरतमंद लोगों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इंदिरा रसोई योजना शुरू की थी। इस योजना में मात्र आठ रुपये में दाल-चावल, रोटी-सब्जी और अचार के साथ भरपेट भोजन दिया जाता था।

बाद में राज्य में सरकार बदलने के बाद भजनलाल शर्मा सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर अन्नपूर्णा रसोई कर दिया। हालांकि, योजना को जारी रखा गया और बड़े अस्पतालों समेत कई स्थानों पर इसके केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

गैस सप्लाई बंद होने से बंद हुए चूल्हे

अन्नपूर्णा रसोई के कई केंद्रों पर पहले कमर्शियल गैस सिलेंडर से ही भोजन तैयार किया जाता था। वहीं, कुछ केंद्रों पर साझा रसोई से दाल और सब्जी भेजी जाती थी और रोटियां मौके पर बनाकर लोगों को गर्म परोसी जाती थीं। लेकिन हाल के दिनों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई ठप होने से इन केंद्रों के चूल्हे बंद हो गए हैं। अब दाल, चावल, सब्जी और कढ़ी जैसी चीजें मौके पर तैयार नहीं हो पा रही हैं और खाना गर्म भी नहीं किया जा सकता।

लकड़ी के चूल्हों पर बन रहा खाना

गैस की कमी के कारण कई केंद्रों के लिए भोजन अब एक जगह लकड़ी के चूल्हों पर तैयार किया जा रहा है। इसके बाद खाना अलग-अलग केंद्रों पर भेज दिया जाता है। लेकिन केंद्र तक पहुंचते-पहुंचते भोजन ठंडा हो जाता है और कई बार छह से आठ घंटे बाद तक वही खाना लोगों को परोसा जा रहा है। इससे खाने की गुणवत्ता और स्वाद दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

लोगों ने की गर्म खाना देने की मांग

ठंडा खाना मिलने की शिकायत लोग लगातार कर रहे हैं। गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण मौके पर चूल्हा जलाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि जब से यहां खाना ठंडा परोसा जा रहा है, तब से लंच और डिनर के लिए आने वाले लोगों की संख्या भी कम हो गई है। कई जरूरतमंद लोगों ने सरकार से जल्द गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि गरीबों को फिर से गरमा-गरम भोजन मिल सके।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग