राजस्थान हाईकोर्ट ने संभागीय आयुक्त के 90-बी के आदेश के खिलाफ याचिका दायर करने में 6 साल लगाने वाले जेडीए अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का आदेश दिया है।
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने संभागीय आयुक्त के 90-बी के आदेश के खिलाफ याचिका दायर करने में 6 साल लगाने वाले जेडीए अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का आदेश दिया है। नगरीय विकास विभाग को कार्यवाही का जिम्मा सौंपते हुए यह पता लगाने को कहा है कि आखिर इतनी देरी कैसे हुई? साथ ही, टिप्पणी की है कि जेडीए की यह सुस्ती एक सरकारी संस्था के लिए अशोभनीय है।
न्यायाधीश समीर जैन ने जेडीए की 9 साल पुरानी याचिका खारिज करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने 90-बी को लेकर जयपुर संभागीय आयुक्त के फैसले को चुनौती देने की अधिकतम समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया है, जिससे संभागीय आयुक्त का 2008 का फैसला बरकरार रह गया।
याचिका में बताए तथ्यों के अनुसार संभागीय आयुक्त ने भू राजस्व अधिनियम की धारा 90-बी से जुड़े मामले में प्राधिकृत अधिकारी के 2002 के आदेश को पलट दिया था, जिससे 90-बी के मामले में जयपुर के महापुरा-कूकरखेड़ा क्षेत्र निवासी चौथू, रामस्वरूप व उनके परिजन को राहत मिल गई। इसके खिलाफ जेडीए ने यह याचिका दायर की थी।