जयपुर

गंदे पानी निकासी पर अफसरों को 7 मई को किया तलब, राजस्थान हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

राजस्थान हाईकोर्ट ने हिंडौन सिटी की मंडावरा रोड पर लंबे समय से भरे गंदे पानी के निकास का स्थायी समाधान पेश नहीं करने पर नाराजगी जताई है।
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Updated: 24 Apr 2026, 1:05 PM IST
Rajasthan High Court gives big verdict in Sanganer Airport expansion case JDA relief
फाइल फोटो पत्रिका

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने हिंडौन सिटी की मंडावरा रोड पर लंबे समय से भरे गंदे पानी के निकास का स्थायी समाधान पेश नहीं करने पर नाराजगी जताई है। अदालत ने करौली कलेक्टर, हिंडौन सिटी नगर परिषद आयुक्त और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को 7 मई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। जस्टिस अनुरूप सिंधी की एकलपीठ ने यह निर्देश गिर्राज प्रसाद की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए।

अधिकारियों पर जिम्मेदारी टालने का आरोप

सुनवाई के दौरान कलेक्टर और नगर परिषद आयुक्त की ओर से अलग-अलग शपथ पत्र पेश किए गए, लेकिन अदालत इनसे संतुष्ट नहीं हुई। कोर्ट ने कहा कि समस्या का समाधान करने के बजाय अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। मामले में यह भी सामने आया कि ड्रेनेज का स्तर मुख्य नाली से मेल नहीं खाता, जिसके कारण सड़क पर पानी भरा रहता है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विजय पाठक ने बताया कि स्थानीय लोग लंबे समय से परेशान हैं और कई शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पूर्व आदेशों के बावजूद नहीं हुआ समाधान

अदालत ने पहले 13 अक्टूबर को अधिकारियों से जवाब मांगा था और गंदे पानी के निकास के लिए किए गए कार्यों व स्थायी समाधान की जानकारी देने को कहा था। इसके बाद 24 मार्च को अंतिम मौका दिया गया था, लेकिन फिर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके चलते अदालत ने अब संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है, जिससे मामले की गंभीरता स्पष्ट होती है।

पदावनति मामले में अंतरिम राहत

इसी दौरान हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में पुलिस अधिकारी लाखन सिंह खटाना को राहत देते हुए पदावनति के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने एसीएस गृह, डीजीपी और पुलिस आयुक्त से जवाब मांगा है। याचिका में बताया गया कि पदोन्नति के तीन माह बाद बिना नोटिस के अधिकारी को वापस पुराने पद पर भेज दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। कोर्ट ने फिलहाल इस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाकर अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

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24 Apr 2026, 1:05 PM IST
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